
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)03 मई।बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के द्वारा आरा के सुविख्यात कथक नर्तक गुरु बक्शी विकास को नृत्य शिरोमणि की उपाधि से अलंकृत किया गया। अवसर था अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर पटना के बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन मे आयोजित नृत्य उत्सव का। हिंदी साहित्य सम्मेलन की ओर से गुरु विकास को यह सम्मान अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने प्रदान किया। एक प्रतिष्ठित प्राचीन साहित्यिक संस्थान द्वारा विगत 23 वर्षो से भारतीय संगीत नृत्य की सेवा एवं शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान हेतु यह संगीत जगत का यह सर्वोच्च सम्मान गुरु विकास को मिला है इससे पूर्व काशी के संगीतज्ञों द्वारा बीसवीं शताब्दी में आरा के पखावज सम्राट बाबू ललन जी के नाम से विख्यात शत्रुंजय प्रसाद सिंह को प्रदान किया गया था। गौरतलब है कि गुरु विकास ने कई नृत्य प्रतिभाओं को गढ़ा है एवं निशुल्क शिक्षा देकर उनके भविष्य का निर्माण किया है। इनके कई शिष्य एवं शिष्या बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा विद्यालय अध्यापक के पद को सुशोभित कर रहें हैं एवं राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहें हैं । गुरु विकास पंडित बिरजू महाराज एवं विदुषी साश्वती सेन के शिष्य हैं। गुरु विकास की इस उपलब्धि पर पंडित रामप्रकाश मिश्र, पंडित विजय शंकर मिश्र, पंडित अरविंद आज़ाद, पंडित भोलानाथ मिश्र, पंडित विप्लब भट्टाचार्या, विदुषी बिमला देवी, डॉ. पल्लवी विश्वास, अविनव काशीनाथ,पंडित शिवनंदन प्रसाद श्रीवास्तव समेत देश के जाने माने कलाकारों ने बधाई दी है।
