
RKTV NEWS/लखीसराय ( बिहार)25 अप्रैल।महिलाएं अपने घर –परिवार के साथ ही गाँव-समाज के विकास एवं तरक्की में अहम् भूमिका निभा रही हैं।अब बिहार में उनके बिना विकसित एवं समृद्ध समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है और यह संभव तब हुआ जब राज्य सरकार ने 19 वर्ष पूर्व महिला सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन की दिशा में कार्य करना शुरू किया l अनेकों योजनायें प्रारंभ की गई जिनका अनुपालन अन्य राज्यों ने भी किया l बिहार सरकार ने महिला शिक्षा, उन्हें रोजगार देने , स्वरोजगार उपलब्ध कराने , पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है।
महिला सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन के क्षेत्र में सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि जीविका और उससे जुडी ग्रामीण महिलाएं हैं।जिन्हें देश-दुनिया जीविका दीदी के नाम से जानती है l बिहार के गांवो की अत्यंत गरीब परिवार की महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए संवाहक के तौर पर जीविका ने तराशा है।गांवो में आधारभूत संरचनाएं बढ़ी हैं, स्वरोजगार के अवसर बढे हैं , आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियाँ बढ़ी हैं, महिलाओं का स्वावलम्बन एवं सशक्तिकरण हुआ है , गरीबी उन्मूलन में सफलता मिल रही है , घरेलु हिंसा में कमी आई है , सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन हो रहा है यथा बाल विवाह रुका है दहेज़ मुक्त शादियाँ हो रही है , पूर्ण शराबबंदी है , हर घर शौचालय है , लगभग हर परिवार को लोक कल्याणकारी योजना का लाभ मिल रहा है l इन सब के पीछे जीविका द्वारा उत्प्रेरित और स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिलाओं का अहम् योगदान दिख रहा है l इन ग्रामीण महिलाओं को देश –दुनिया जीविका दीदी के नाम से पुकारती है और अब तो कुशल उद्यमी के तौर पर स्थापित होते हुए लखपतिया दीदी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं l राज्य में विविधिताओं के बीच समरूपता को एकता के सूत्र में बांधते हुए जीविका दीदियाँ परस्पर सहयोग से खुद आगे बढ़ते हुए राज्य के उत्तरोत्तर विकास में भी उल्लेखनीय भूमिका में हैं l और अब तो शहरी क्षेत्रों में भी जीविका द्वारास्वयम सहायता समूहों का गठन तेजी से चल रहा है।
राज्य के विकास को और गति प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 18 अप्रैल से महिला संवाद कार्यक्रम की शुरुवात की है। जीविका दीदियों के कुशल प्रबंधन एवं बेहतर कार्यशैली तथा गाँव -गाँव में उनकी पहुँच होने की वजह से महिला संवाद के आयोजन की जिम्मेवारी राज्य सरकार ने जीविका को दी है l जीविका दीदियाँ अपनी कुशलता एवं बेहतर प्रबन्धन से प्रतिदिन दो महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन अपने ग्राम संगठन के माध्यम से सफलतापूर्वक आयोजित कर रही हैं l इस कार्यक्रम में राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित महिलाएं मिले लाभ की चर्चा कर रही हैं वही गाँव के तरक्की के लिए अन्य विकासात्मक कार्यों की मांग भी कर रही हैं l प्रति कार्यक्रम ढाई सौ से अधिक आमंत्रित महिलाएं सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से वाकिफ़ भी हो रही हैं l इसके लिए राज्य सरकार ने अत्याधुनिक मोबाईल वान ग्राम संगठनो को उपलब्ध कराया है l साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पत्र भी उपस्थित महिलाओं को दिया जा रहा है l महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं से सम्बंधित लीफलेट भी सभी महिलाओं के बीच वितरित किये जा रहे हैं ताकि सभी समझे कि सरकार महिलाओं के विकास के लिए कितनी सजग है l
शुक्रवार को लखीसराय सदर प्रखंड स्थित खगौर गांव में मनोकामना ग्राम संगठन एवं गढ़ी बिशुनपुर गांव में ममता ग्राम संगठन द्वारा, चानन मे आशीर्वाद ग्राम संगठन द्वारा मलिया गांव में एवं अंजनी ग्राम संगठन द्वारा ईटोन गांव में, हलसी में दीपक ग्राम संगठन द्वारा प्रतापपुर गांव में एवं कैंडी गाँव में गंगा ग्राम संगठन द्वारा , सूर्यगढ़ा में सहायता ग्राम संगठन द्वारा जकरपुरा गांव में , सिया ग्राम संगठन द्वारा सुर्यपुरा गांव में तथा रामगढ़ चौक प्रखंड में सहेली ग्राम संगठन द्वारा ओरे गांव में एवं गुलशन ग्राम संगठन द्वारा भबरिया में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया l जहाँ महिलाओं ने अपने जीवन में आये बदलाव और गाँव के विकास के लिए अन्य सुविधावों की सूचि तैयार की l प्रति कार्यक्रम अमूमन 30 इच्छाएं एवं आकांक्षाएं आ रही हैं l लखीसराय सदर के साकिबपुर की सोनी देवी ने सामुदायिक भवन की इच्छा प्रकट की है l ऋचा कुमारी ने स्थानीय प्रशासन से गांव को स्वच्छ बनाने की मांग की है । इसी तरह गाँव की अन्य महिलाएं भी गाँव के लिए समुदाय स्तर पर जरुरत के हिसाब से अपनी मांग रख रही हैं l
राज्य की विकास योजनाओं के निति निर्धारण में महिलाओं की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओंc को अपने अंदर समेटे महिला संवाद कार्यक्रम निश्चित तौर पर बिहार के विकास में अहम् योगदान देने की ओर अग्रसर है।
