
शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 13 अप्रैल। संस्कार से आपके कर्मों की पहचान होती है चाहे माता पिता हों, संत हों या मानव। मनुष्य कितनी भी उंचाई पर या कितने भी बङे पद पर पहुँच जाय, उसे अपने विचारों और कर्मों को नहीं भूलना चाहिए। विधि का विधान होकर रहता है। उन्होंने कहा कि आधे घंटे का आंधी, तूफान और बारिश इसका प्रमाण है। अच्छे कामों के लिए लोगों को जगाना पङता है। लेकिन बुरे काम वाले लोगों की पहचान खुद हो जाती है। अच्छा कर्म करें चाहे उसके लिए कठिनाई का सामना ही क्यों न करना पङे। धर्म को ही अपनायें। उक्त बातें भोजपुर जिला के शाहपुर नगर पंचायत मे हो रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अवसर पर प्रवचन के दौरान महान मनीषी श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा। संत श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने आगे कहा कि पद प्रतिष्ठा के लिए लोग अपने स्वभाव तथा कर्म की पहचान समय के मुताबिक करते हैं। उसका कर्म कभी भी प्रभावशील रहेगा। इसलिए अच्छा कर्म करें। महाभारत के प्रसंग पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि विभीषण और अर्जुन जैसे शक्तिशाली राजाओं को भी परेशानी झेलनी पङी थी। समय बलवान होता है। इससे घबङाना नहीं चाहिए। संत के विचारों को ही अपनायें। अगर संत नहीं रहें तो पूरे विश्व में प्रलय की स्थिति बन जाएगी। धर्म के कारण ही व्यक्ति, समाज या राष्ट्र ऊँचाई पर पहुँचता है। संत बैकुंठ दास जी महाराज, अयोध्या नाथ दास जी महाराज, चतुर्भुज स्वामी जी महाराज, मुक्तिनाथ शास्त्री जी महाराज,आनंद शास्त्री जी महाराज, उद्धव स्वामी जी महाराज सहित कई संत महात्माओं ने प्रवचन किया।
इस अवसर पर जीयर स्वामी से मिलकर आशीर्वाद लेने वालो में सभापति अवधेश नारायण सिंह, पूर्व मंत्री श्री भगवान सिंह कुशवाहा, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी, भाजपा नेता भुअर ओझा, भाजपा नेता राजेन्द्र तिवारी, त्रिदंडी देव डिग्री महाविद्यालय के प्रिसिंपल फलहारी जी, सीनेट सदस्य संतोष तिवारी, पूर्व कमिश्नर मार्कण्डेय ओझा,पूर्व कमांडेंट हीरा ओझा, पूर्व प्रबंधक हरेराम ओझा, रमेश ओझा, दिनेश ओझा, मंटू ओझा पत्रकार राकेश मंगल सिन्हा, पत्रकार संजय ओझा, पत्रकार रवि यादव, यज्ञ समिति के अध्यक्ष विजय सिंह, उपाध्यक्ष शारदानंद सिंह उर्फ गुडु यादव, सत्यदेव पांडे, शिवप्रसन्न यादव, शमशेर बहादुर पांडे, राकेश यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
