
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)11 अप्रैल।महाराजा कॉलेज के इतिहास विभाग के छात्र-छात्राओं ने विभागाध्यक्ष डॉ मोहम्मद नियाज़ हुसैन, सहायक प्राध्यापक अरूण कुमार राय, डॉ राजेश कुमार सिंह, डॉ कमलेश सिंह, डॉ अमृतांशु के कुशल मार्गदर्शन में बिहार अभिलेखागार तथा पटना संग्रहालय का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रोफेसर आलोक कुमार ने कुल 38 स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य बताते हुए हरी झंडी दिखाकर गंतव्य स्थल के लिए रवाना किया। विभागाध्यक्ष डॉ मोहम्मद नियाज हुसैन ने बतलाया कि इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को कक्षा-पाठ्यक्रम से इतर ऐतिहासिक अनुसंधान के स्रोतों एवं विधियों से परिचित कराना है।पटना अभिलेखागार न केवल बिहार, बल्कि सम्पूर्ण भारत का एक प्रमुख ऐतिहासिक संस्थान है, जहाँ दुर्लभ पांडुलिपियाँ, सरकारी अभिलेख एवं ऐतिहासिक दस्तावेज़ संरक्षित हैं।ये प्रशासनिक, सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास की गहन जानकारी प्रदान करते हैं।वहीं पटना संग्रहालय एशिया में अपना विशिष्ट स्थान रखती है, अपनी समृद्ध पुरावशेषों की संग्रहशाला के लिए प्रसिद्ध है।दोनों संस्थानों के प्रत्यक्ष अवलोकन से छात्रों में इतिहास विषय की गंभीर समझ विकसित होगी तथा ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी उत्पन्न होगी।
पुराभिलेखपाल डॉक्टर भारती शर्मा ने छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए अभिलेखागार के उद्भव,इतिहास एंव महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बतलाया कि यह प्रशासक के लिए मार्गदर्शन तथा समाज के लिए दर्पण है जो भावी पीढ़ी की सांस्कृतिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक चेतना के लिए बहुत जरूरी है।उन्होंने आगे कहा कि 1914 में रांची में असैनिक सचिवालय अभिलेख कक्ष की स्थापना की गई जिसे 1915 ई. ईस्वी में पटना स्थांनातरित किया गया। अभिलेखागार निदेशक डॉ फैसल अब्दुल्ला ने छात्रों को वस्तुपरक शोध पर जोर देते हुए बतलाया कि बिहार अभिलेखागार अभिलेखों का संरक्षण, प्रकाशन, प्रदर्शनी, संगोष्ठी का आयोजन सरकार के प्रशासनिक कार्यों में सहयोग सहित शोधार्थियों के शोध कार्य में अपना महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अभिलेखागार से जुड़े डॉ आर.के. सिंह, डॉ रश्मि किरण सहित शिप्रा कुमारी, नेहा कुमारी, हरिशंकर कुमार,आकाश कुमार, उत्तम कुमार सोनी,चंदन कुमार,रवि प्रकाश, साहिन सुल्ताना, विकाश कुमार, राहुल कुमार, प्रीति गुप्ता आदि छात्र-छात्राओं की सराहनीय भूमिका रही।
