एआर-वीआर तकनीक से आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण: राज्यपाल ने की प्रशंसा।
समापन समारोह: आपदा प्रबंधन जागरूकता को और विस्तारित करने की प्रतिबद्धता।
RKTV NEWS/पटना(बिहार )25 मार्च। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) के पवेलियन में आज बिहार के राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान का आगमन हुआ। उन्होंने प्राधिकरण द्वारा आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का अवलोकन किया और इन कार्यों की भूरि-भूरि सराहना की। इस अवसर पर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदयकान्त एवं सदस्य कौशल किशोर मिश्र, नरेंद्र कुमार सिंह, प्रकाश कुमार व सचिव मो. वारिस खान उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने प्राधिकरण द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉल का दौरा किया और आधे घंटे से अधिक समय तक पवेलियन में रुककर आईआईटी पटना, बिहार मौसम सेवा केंद्र, अंतरिक्ष उपयोग केंद्र – इसरो, टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, ग्रामीण पर्यावरण एवं सामाजिक विकास संस्था, दोस्ताना सफर, सतत पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी विकास समाज, उत्कर्ष एक पहल, राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन, वॉल्ट्रॉन एआर/वीआर स्टूडियो तथा बिहार अग्निशमन सेवा सहित विभिन्न हितधारकों के कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
दिव्यांग बच्चों के प्रति सराहना राज्यपाल ने दिव्यांग बच्चों के स्टॉल का भ्रमण करते हुए प्राधिकरण द्वारा उनके लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को मुख्य धारा में लाने और उन्हें आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इन बच्चों को संस्थागत रूप से प्रश्रय प्रदान करने, आत्मनिर्भर बनाने और आपदा प्रतिरक्षा के प्रति क्षमतावर्धन का कार्य सौंपने की ज़िम्मेवारी सौपी। साथ ही, उन्होंने हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।
एआर-वीआर तकनीक की सराहना राज्यपाल ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एआर-वीआर तकनीक के उपयोग और वर्चुअल वातावरण में बिहार की प्रमुख आपदाओं के समय संयमित व्यवहार एवं प्रबंधन रूपी प्रशिक्षण को प्रासंगिक मानते हुए इसकी सराहना की।
आपदा प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम प्राधिकरण पवेलियन में 22-25 मार्च तक विभिन्न आपदाओं से जनजागरूकता बढ़ाने के लिए गतिविधियाँ आयोजित की गईं। अस्पताल अग्नि सुरक्षा मॉडल एवं मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के स्टॉल के माध्यम से राज्य में संचालित अभिनव कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। कंपन टेबल (शेक टेबल) तकनीक के माध्यम से भूकंप के दौरान भवनों की संरचना पर प्रभाव का प्रदर्शन किया गया और यह बताया गया कि उचित निर्माण तकनीकों से भूकंप के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
नुक्कड़ नाटक, कठपुतली, जोकर शो, ट्रांसजेंडर समुदाय द्वारा प्रदर्शित नाटक के जरिए बिहार के प्रमुख आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़, डूबने की घटनाएँ, आग से सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, लू एवं वज्रपात से कैसे बचा जा सकता है और प्रबंधन की किस रूप में तैयारी होनी चाहिए इस सब की जानकारी काफी मनोरंजनात्मक तरीके से प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर राज्यपाल ने BSDMA द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इसे बिहार की आपदा प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया।
एसडीआरएफ व एनडीआरएफ का बचाव उपकरण प्रदर्शन बीएसडीएमए के प्रांगण में एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ द्वारा आपदा बचाव उपकरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया, जिसमें बोरवेल बचाव उपकरण, वीएलसी, कटिंग उपकरण, एयर लिफ्टिंग बैग, कॉमालॉग, सक्शन यूनिट एवं विभिन्न प्रकार की राफ्टिंग तकनीकों की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, सर्पदंश प्रबंधन, प्राथमिक उपचार (सीपीआर, रक्तस्राव नियंत्रण, स्प्लिंटिंग आदि) पर भी जागरूकता फैलाई गई।
स्वास्थ्य जाँच एवं नुक्कड़ नाटक उत्कर्ष एक पहल के तहत स्वास्थ्य जाँच जैसे रक्तचाप, मधुमेह, नेत्र परीक्षण एवं अन्य आवश्यक चिकित्सा परीक्षण किए गए। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सड़क दुर्घटना प्रबंधन और आपदा सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दर्शकों तक पहुँचाई गईं।
समापन समारोह आज प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत एवं सदस्य कौशल किशोर मिश्र, नरेंद्र कुमार सिंह, प्रकाश कुमार तथा सचिव मो. वारिस खान, विशेष सचिव, प्राधिकरण के पदाधिकारीगण एवं मेलार्थियों की उपस्थिति में प्राधिकरण पवेलियन का समापन किया गया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए सदस्य नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा किए गए जनजागरूकता कार्यक्रमों को व्यापक पैमाने पर ले जाया जाएगा तथा समसामयिकता के आधार पर अधिक हितधारकों के साथ जुड़कर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।


