
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)24 मार्च।श्री त्रिदंडी स्वामी महाराज के 37 वे पुण्य स्मृति में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, सोनवर्षा,चरपोखरी में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन अनंत विभूषित श्री रंगनाथाचार्य जी महाराज के देखरेख में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पिछले एक सप्ताह से चल रहे इस श्रीमद् भागवत कथा सा ज्ञान यज्ञ का भव्य पूर्णाहुति एवं भंडारे के साथ संपन्न हो गया। इस मौके पर यज्ञ मंडप में लाखों आहुतियां दी गई। इसके बाद श्री स्वामी रंगनाथ आचार्य जी महाराज ने व्यास पीठ से दिव्य प्रवचन का भागवत प्रेमियों को रसपान कराते हुए कहां की भगवत कथा के रसपान कर लेने से इहलोक एवं परलोक दोनों सुधार जाता हैं।जिस घर में संतों के चरणरज न पड़े वे घर नहीं हो सकता।भगवान की प्राप्ति केवल भगवत कथा के श्रवण से ही संभव होता हैं।वही कथा ब्यास अर्जुन शास्त्री जी महाराज ने भी अपने मुखारविंद से भगवान के मधुर बाल लीला सुनाकर भक्ति के रस में भक्तों को वैसे सराबोर कर दिए। श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन पूजा पंडाल में भव्य तरीके से भगवान नटखट गोपाल श्री कृष्ण की शादी समारोह महाराज श्री के देखरेख में संपन्न कराई गई और महिलाओं ने खूब मंगल गीत गए।शादी समारोह के साक्षी पांच हजार से ज्यादा लोग।भंडारा में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया तत्पश्चात इस भागवत कथा के पूर्णाहुति के मौके पर श्रद्धालु भक्तों के बीच लड्डू मिष्ठान दस हजार से ज्यादा लोगों के बीच वितरण किया गया।कथा के अंतिम दिन मंच से मशहूर भोजपुरी गायक सत्यम सुरीला ने शहर एवं अन्य भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर लोगों का मन मोह लिया और भजन पर खूब तालियां बजी। इस ज्ञान यज्ञ को सफल बनाने के लिए मंदिर प्रबंधन एवं समस्त ग्रामीण जनता भगवान के चरणों में समर्पित दिखे वही आगत पूज्य संतों का विधिवत रूप से स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज के देखरेख में विदाई संपन्न हुआ।इस मौके पर पूरे जिले भर से आए हुए कई गणमान्य अतिथियों का महाराज श्री ने अंग वस्त्र एवं पुष्पों की हार से उनका स्वागत किया। इस आशय की जानकारी चंदन कुमार ने दी।
