
आरा/ भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)24 मार्च।ब्रह्मपुर धाम में जीयर स्वामी जी महाराज के मंगला सुशासन में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह यज्ञ के प्रथम दिवस ब्रह्मपुर पीठाधीश्वर ज.गु.रा.विद्या वाचस्पति आचार्य धर्मेन्द्र जी महाराज ने कहा श्रीमद्भागवत कथा गोविंद कृपा से मिलती है,यह भगवान नारायण का वांगमयी स्वरूप है।इससे जन्म और मृत्यु दोनो सुधरती है,जीवन की व्यथा मिटती है, लोक और परलोक बनता है,अखंड शांति की प्राप्ति होती है।श्रीमद्भागवत के महात्म्य को बतलाते हुए आचार्य जी ने कौशिक संहिता, देवर्षि नारद की भक्ति से भेंट,ज्ञान वैराग्य का जाग्रति, धुंधकारी मुक्ति की कथा कहते हुए सप्ताह कथा श्रवन विधि को बतलाया। ..
आचार्य जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत में,18000श्लोक,12 स्कंध और 335,अध्याय है जो भक्त का चरित और भगवान की लीलाओं का बखान करता है। यह भगवान से मिलने का राजमार्ग है।…कथा श्रवण करने हेतु प्रक्षेत्र के भक्त कथा मृत का पान कर रहे हैं,भक्ति रस की गंगा बह रही है जिसमे नर नारी गोता लगा रहे है। कथा के मुख्य यजमान आशादेवी है। सप्ताह यज्ञ में आचार्य अशोक द्विवेदी मूल पाठ कर रहे हैं। आनंदमोहन तिवारी रूद्राभिषेक तथा पंं हरिओम तिवारी पूजन अर्चन का कार्य संपादित कर रहे हैं । सप्ताह यज्ञ की पूर्णाहुति व भंडारा 28 मार्च को होगा।
