
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)22 मार्च। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, सोनवर्षा,चरपोखरीभोजपुर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भव्य नटखट गोपाल भगवान कृष्ण जन्मोत्सव समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर हजारों की संख्या में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा और पंडाल मे तिल रखने की जगह नही बची थी वही व्यासपीठ से अनंत विभूषित कथा ब्यास स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज ने दिव्य प्रवचन के माध्यम से भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि हमेशा भगवान भक्तों के लाज रखने के लिए अपना सर्वश्य न्यौछावर कर देते है।मानव तन भगवान के प्राप्ति के लिए ही मिलता है। इसलिए मानव को जीवन मे अच्छे कर्म करने चाहिए और सत्संग में शामिल होना चाहिए ताकि उनको मोक्ष की प्राप्ति हो सके वही प्रवचन के माध्यम से महाराज जी ने कहा कि भगवान कहते है कि अंत काल में जो केवल मुझे स्मरण करता है वह जीवात्मा निःसंदेह मुझे ही प्राप्त करता है।हमारे केवल पंचभूत शरीर मारता है लेकिन जीवात्मा की कभी मृत्यु नहीं होती है।कथा के दौरान महाराज जी ने भगवान के चरित्र के बड़ा ही सुंदर चित्रण किए वही लक्ष्मी नारायण मंदिर में भगवान श्री कृष्ण का दिव्य जन्मोत्सव मनाया गया इस दौरान महिलाओं में खूब शोहर गाये नटखट गोपाल को पालने में झुलाया गया उनकी भव्य आरती की गई ।इस दौरान श्रद्धालु भक्त खूब झूमते नजर आए कथा मंडप में भगवान के दिव्य दर्शन पाने के लिए भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।जन्मोत्सव में भक्ति भावना से ओतप्रोत भक्तों ने कथा मंडप में ऐसे मनहर भावनृत किए की भक्ति की एक नई चेतना जागृत हो गई। भागवत कथा श्रवण करने के लिए उपस्थित उर्जित श्रद्धालुओं से कथा मंडप पूरी तरह भरा हुआ था।इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी चंदन कुमार ने दी।
