काशिका भाषा के सरंक्षण की मांग हुई।
RKTV NEWS/वाराणसी ( उत्तर प्रदेश)11 मार्च।सनातनी समाज द्वारा लाली घाट पर नागा माता महंत दुर्गा गिरी के नागा शिविर में अलौकिक होली मदनोत्सव नागाओं, संन्यासियों,साध्वियों और अवधूतनियों संग मनाया गया । वहां पर उपस्थित सभी लोगों को नागा साध्वियों ने त्रिपुंड तिलक लगाते हुए ह्रदय के कोर से आशीष दिया ।
सनातनी समाज द्वारा संसार की सबसे पुरानी सनातनी अवैदिक भाषा काशिका के संवैधानिक सरंक्षण की सरकार से मांग की गई ।
सनातनी समाज के संस्थापक अध्यक्ष पं.अपूर्व नारायण तिवारी ने कहा कि महाकुंभ के समापन बाद काशी में नागाओं द्वारा होली तक प्रवास करने की हजारों वर्ष पुरानी परंपरा है । काशी में नागाओं और साध्वियों संग फागुन में होली मदनोत्सव मनाना बहुत कल्याणकारी और अपूर्व फलदाई होता है ।
मुख्य अतिथि डॉ.हूशिला देवी रिसौल मारीशस ने चार भाषाओं में रसासिक्त गीतों को सुनाते नागाओं की स्तुति की ।भभूत,गुलाल,रंगों और फूलों के पंखुड़ियों के बरसात मध्य नागा साध्वी डॉ.शीलेश्वरी गिरी देवी के ढोलक वादन और गायन, अवधूतनी नर्मदा गिरी के झांझ वादन और गायन, नागा महंत दुर्गा गिरी के अद्भुत नृत्य और नागा बाबा चेतन गिरी के फगुआ गीतों और नागा नाच ने वातावरण को चहचह महमह कर पूर्णतया मदनोत्सव कर डाला था ।
रसिया,फगुआ,होली,धमार,चहका,गारी, पचरा आदि विभिन्न विधाओं के गीतों ने गंगा की लहरों को भी अठखेलियां करने पर मजबूर कर दिया था ।
गीत सुनाने और काव्य पाठ करने वालों में नागा चेतन गिरी,डॉ.अपूर्व नारायण तिवारी “बनारसी बाबू”, डॉ.हूशिला देवी रिसौल, अवधूतनी नर्मदा गिरी,जागृति पांडेय,पूनम पांडेय,सत्यप्रकाश शुक्ल,विंध्याचल पांडेय और नागा मुकेश गिरी आदि प्रमुख थे ।
दिव्य ठंडई -विजया बूटी का सेवन करके सभी लोग भाव-विभोर हो गये थे ।
स्वागत डॉ.दिनेश सिंह,अध्यक्षता डॉ.अपूर्व नारायण तिवारी ने की, कार्यक्रम संचालन डॉ.शीलेश्वरी गिरी देवी उज्जैन ने किया । मुख्य अतिथि डॉ.हूशिला रिसौल मारीशस, विशिष्ट अतिथि नागा महंत दुर्गा गिरी अमरकंटक थीं और धन्यवाद ज्ञापन राहुल शाह ने किया ।
भारी संख्या में नागा साधु सन्यासी और काशीवासी मौजूद थे । प्रमुख लोगों में महंत शांति गिरी,नागा सन्यासिन मीरा गिरी, साध्वी उमा गिरी, साध्वी भारती गिरी, लीलेश्वरी गिरी, राहुल शाह,नागा मूकेश गिरी,नागा बलवेंद्र गिरी,कुमूद शाह, पूनम पांडेय,रुपेश गुप्ता, संपत देवी,कंचन गुप्ता,जागृति पांडेय, एस.पी.शुक्ला, रमेश सिंह धामी,असित मुखर्जी आदि शामिल थे।

