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भोजपुर: कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण कार्यक्रम के तहत धान की उन्नत खेती विषय पर दिया गया प्रशिक्षण।

आरा /भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)15 जून। भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र भोजपुर के द्वारा अनुसूचित जाति जनजाति से जुड़े महिलाओं एवं पुरुषों के लिए धान की उन्नत खेती विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में किसानों को बायो फोर्टीफाइड धान के प्रभेद डीआरआर -धान- 69 के बीज 172 किसानों को उपलब्ध कराया गया ।इस विषय में जानकारी देते हुए केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं हेड डॉक्टर प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि देश में कुपोषण की बहुत बड़ी समस्या है । विषेश तौर पर अनुसूचित जनजाति के परिवारों में सीमित संसाधनों के कारण कुपोषण की समस्या बहुत ज्यादा है । इसे ध्यान में रखते हुए धान की उच्च गुणवत्ता युक्त किस्म, जिसमें सामान्य की तुलना में 6 से 8 गुना ज्यादा जिंक उपलब्ध है किसानों को निशुल्क उपलब्ध कराया गया।
धान की नर्सरी के संदर्भ में चर्चा करते हुए जानकारी दी गई कि125 वर्ग मीटर अर्थात एक कट्ठा में चार से पांच टोकरी गोबर की खाद 1.5 किलोग्राम डीएपी एक किलोग्राम पोटाश 500 से 750 ग्राम यूरिया के अतिरिक्त 250 से 300 ग्राम फिप्रोनिल / कारबोफ्यूरान/कार्टून हाइड्राक्लोराइड दानेदार का प्रयोग करें खेतों में पानी भरकर दूसरे दिन धान बीज डालें।धान के बीज नर्सरी में डालने से कम से कम 2 दिन पहले 6 से 7 घंटा पानी में भिगोकर छानकर
प्रति 30 किलोग्राम धान बीज में 2 ग्राम स्ट्रप्टोसाइक्लिन तथा 60 ग्राम कार्बेंडाजिम 250 मिलीलीटर पानी मे घोलकर फूले हुए बीजों पर छिड़काव कर अच्छी तरह से मिला दीजिए। इसके बाद पक्की सतह या प्लास्टिक के ऊपर ढेर बनाकर जूट के गिले बोरे से ढक दिया जाए। 24 घंटो बाद बाहरी हिस्सा अंकुरित हो जाएगा , इसे पुनः मिलाकर हल्का पानी का छिड़काव कर दीजिए और जूट बोरा से ढककर अगले 24 घंटा बाद शत प्रतिशत अंकुरित बीजो को एक से दो ईंच ठहरे पानी मे चार फीट चौड़े बेड पर छिड़काव कर दीजिए।
बारह घंटे तक अगर पानी नही सूखता है तब दस बारह जगहो पर पतले आधी ऊँचाई तक मेढ़ को दबा दे जिससे पानी धीमे धीमे निकल जाए। डॉक्टर द्विवेदी ने कहा प्रति एकड़ 8 किलोग्राम दानेदार सल्फर 50 किलोग्राम डीएपी 30 से 32 किलोग्राम यूरिया एवं 30 से 32 किलोग्राम पोटाश के अतिरिक्त 100 किलोग्राम बुझा हुआ चुना डालकर अच्छी तरह जुताई करें। धान लगाने के 24 से 36 घंटे के अंदर 2 इंच खेत में पानी रखते हुए प्रेटिललाक्लोर 600 मिलीलीटर बालू में मिलाकर एक एकड़ खेत में भुरकाव करने से खेतों में प्रारंभिक अवस्था में खरपतवार का आसानी से नियंत्रण हो जाएगा।

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