सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, यातायात, बिजली, चिकित्सा एवं स्वच्छता व्यवस्था को लेकर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश।
RKTV NEWS/दुमका ( झारखंड)28 सितंबर।आगामी दुर्गापूजा पर्व के सफल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर पर्व के दौरान सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, यातायात, विद्युत, चिकित्सा, अग्निशमन, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ रखने को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी पूजा समितियों को पंडाल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल को निर्देश दिया कि दुर्गापूजा के दौरान पूरे शहरी क्षेत्र में निर्बाध एवं पर्याप्त पेयजलापूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा कहीं भी पेयजल की कमी नहीं होने दी जाए। कार्यपालक अभियंता, विद्युत को पर्व के दौरान विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ एवं निर्बाध रखने तथा पंडालों एवं पूजा स्थलों में विद्युत सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं अग्निशमन विभाग को 24×7 अलर्ट मोड में तैनात रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
चिकित्सा एवं आपातकालीन व्यवस्था रहेगी सुदृढ़
सभी पूजा पंडालों में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए फर्स्ट एड किट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सिविल सर्जन, दुमका को आवश्यकतानुसार पूजा पंडालों में चिकित्सा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करने तथा फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, दुमका सहित सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी अस्पतालों में 24×7 चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही एंबुलेंस एवं चालकों की सूची अनुमंडल पदाधिकारी, दुमका/जिला नियंत्रण कक्ष में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
पूजा पंडालों के निरीक्षण एवं सुरक्षा प्रमाणपत्र की व्यवस्था
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पूजा पंडालों के निरीक्षण के लिए संबंधित पदाधिकारियों की अध्यक्षता में समितियों का गठन करने का निर्देश दिया गया। गठित समितियों द्वारा पूजा पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच करते हुए विस्तृत जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाएगा। निरीक्षण के उपरांत संबंधित पूजा समितियों से आवश्यक NOC/Fitness Certificate प्राप्त कर अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं थाना प्रभारी को अपने-अपने क्षेत्रों में जुलूस मार्ग, मूर्ति विसर्जन स्थल, तालाब आदि का भौतिक सत्यापन कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया।
बिजली एवं अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश
पूजा पंडालों में बिजली की व्यवस्था हेतु विद्युत विभाग से आवश्यक कनेक्शन प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। पूजा समितियों को पंडालों में जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था रखने को कहा गया, ताकि बिजली गुल होने की स्थिति में आवश्यक प्रकाश एवं अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित न हों।
सभी पूजा समितियों को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति करने तथा उनकी पहचान के लिए T-Shirt, Cap एवं ID Card उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। स्वयंसेवकों के नाम, पूजा समिति का नाम एवं May I Help You अंकित पहचान-पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनकी पहचान आसानी से की जा सके। असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने तथा महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था बनाए रखने में स्वयंसेवकों की भूमिका सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
CCTV, प्रवेश-निकास एवं भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था रहेगी अनिवार्य
सभी पूजा समितियों को अपने पंडाल एवं मेला परिसर में CCTV कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया। पंडालों में क्षमता के अनुरूप ही श्रद्धालुओं को प्रवेश देने तथा IN एवं OUT गेट के अतिरिक्त आपातकालीन गेट की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखने को कहा गया। साथ ही दमकल वाहनों के पंडाल तक पहुंचने के लिए मार्ग को सुगम एवं अवरोधमुक्त रखने का निर्देश दिया गया।
यातायात एवं विसर्जन व्यवस्था को लेकर दिए गए निर्देश
पूजा समितियों को फायर सेफ्टी के निर्धारित नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया। पंडाल के आसपास यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा आवश्यकतानुसार पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। पूजा एवं विसर्जन के दौरान नशे का सेवन नहीं करने तथा ऐसा करने वालों की सूचना पुलिस को देने का निर्देश दिया गया। विसर्जन निर्धारित मार्ग से ही कराने तथा किसी भी प्रकार से माहौल खराब करने वाली गतिविधि से बचने का निर्देश दिया गया।
अफवाह एवं सांप्रदायिक तनाव फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक में निर्देश दिया गया कि पर्व के दौरान अफवाह फैलाने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने अथवा किसी प्रकार का सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। पूर्व में दंगा एवं सांप्रदायिक कांडों में संलिप्त/आरोपित व्यक्तियों अथवा सांप्रदायिक दंगा या अफवाह फैलाने की गतिविधियों से जुड़े लोगों के विरुद्ध नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिले के अन्य वरीय पदाधिकारी, सभी थाना प्रभारी सहित अन्य उपस्थित थे।

