
भोपाल/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)23 सितम्बर।संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के निर्देशों के अनुपालन में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल में दिनांक 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2026 तक “स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025” का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 23-09-2026 को संग्रहालय के शेलकला भवन में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय वन प्रबंध संस्थान (आईआईएफएम), भोपाल के सहायक प्रोफेसर डॉ. गजेन्द्र सिंह विश्वकर्मा द्वारा “स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण प्रबंधन” विषय पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। वक्ता ने दैनिक जीवन में स्वच्छता के महत्व, जल स्रोतों के संरक्षण की आवश्यकता और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस विशेष व्याख्यान में संग्रहालय के डा पी शंकर राव,डा सूर्य कुमार पांडे, राजेंद्र झरिया, राजीव कुमार जैन, तपस विश्वास, डा मोहम्मद रेहान, श्रीकांत, ललित बागुल, धीर सिंह, सुनील अलपुरिया,डा शिखा तहेंगुरियाँ, निशा साहू, ऋषभ झा , सुनीलगुप्ता आदि सहित अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों और पीजीडीएम छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण प्रबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम के अध्यक्षीय संबोधन में संग्रहालय के निदेशक प्रो. डॉ. अमिताभ पांडे ने अपने वक्तव्य में कहा कि स्वच्छता केवल एक शारीरिक या बाहरी कर्म नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, आचार-विचार और जीवनशैली का अभिन्न अंग होना चाहिए।
कार्यक्रम के सह संयोजक व जनसंपर्क अधिकारी श्री एच.बी.एस. परिहार ने बताया कि जल संरक्षण और पर्यावरण प्रबंधन आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और इस प्रकार के अभियानों के माध्यम से युवा पीढ़ी तथा समाज में इसके प्रति स्थायी जागरूकता लाई जा सकती है।
कार्यक्रम का संचालन मानव संग्रहालय के स्वच्छता प्रभारी दीपक कु. चौधरी द्वारा सफलतापूर्वक किया गया।साथ ही उन्होंने ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत संग्रहालय में आयोजित होने वाली आगामी गतिविधियों की रूपरेखा साझा की और सभी का आभार व्यक्त किया।
