
RKTV NEWS/दुमका ( झारखंड)18 सितंबर।जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट दीप के तहत जिले के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत संथाली भाषा के छात्र-छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित एक ट्रांसलेटर ऐप का निर्माण किया जा रहा है। इस ऐप के माध्यम से संथाली भाषा को हिंदी तथा हिंदी भाषा को संथाली भाषा में आसानी से अनुवाद किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य विद्यालयों में भाषा संबंधी कठिनाइयों को दूर करते हुए बच्चों और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है।
शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच संवाद होगा आसान
जिले के कई विद्यालयों में ऐसे छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जो प्रारंभिक स्तर पर मुख्य रूप से संथाली भाषा को ही समझते हैं। ऐसे में हिंदी माध्यम से पढ़ाई के दौरान उन्हें शिक्षकों की बात समझने में कठिनाई होती है। प्रस्तावित ट्रांसलेटर ऐप के माध्यम से बच्चे अपनी बात संथाली भाषा में रख सकेंगे, जिसे शिक्षक हिंदी में समझ सकेंगे। इसी प्रकार शिक्षक भी हिंदी में अपनी बात को संथाली भाषा में अनुवाद कर बच्चों को आसानी से समझा सकेंगे।
हिंदी भाषा सीखने में बच्चों को मिलेगी सहायता
जिला प्रशासन की पहल का उद्देश्य केवल तत्काल भाषा संबंधी कठिनाई को दूर करना ही नहीं, बल्कि बच्चों को धीरे-धीरे हिंदी भाषा से परिचित कराना भी है। विद्यालय आने वाले प्रारंभिक वर्षों में जिन बच्चों को हिंदी समझने में कठिनाई होती है, उनके लिए यह ऐप एक सहायक माध्यम के रूप में कार्य करेगा। संथाली और हिंदी के बीच संवाद को सरल बनाकर बच्चे धीरे-धीरे हिंदी शब्दों एवं वाक्यों को समझने और सीखने में सक्षम होंगे, जिससे उनकी पढ़ाई को गति मिलेगी और विद्यालयी शिक्षा से जुड़ाव और मजबूत होगा।
