
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)30 जुलाई।आषाढ़ी पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा) के अवसर पर भगवान श्रीकृष्णद्वैपायन महर्षि वेदव्यास जयंती श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाई गई। श्रीसनातन शक्तिपीठ संस्थानम् एवं सनातन-सुरसरि सेवा न्यास के संयुक्त तत्वावधान में श्रीहनुमत्सदन, फ्रेंड्स कॉलोनी में पूजन-अर्चन एवं प्रवचन का आयोजन किया गया।इस अवसर पर श्रीमत् सनातन शक्तिपीठाध्यक्ष आचार्य भारतभूषण जी महाराज ने कहा कि सद्गुरु का आश्रय ही जीवन की वास्तविक सफलता है। सद्गुरु की कृपा से ही भवरोग और भवबाधाओं का निवारण होता है तथा मनुष्य का जीवन सही दिशा प्राप्त करता है। भगवान वेदव्यास ने संपूर्ण विश्व को ज्ञान और कल्याण का मार्ग दिखाकर मानवता पर महान उपकार किया है। उनकी गुरु-परंपरा के आचार्य आज भी ज्ञान की गंगा प्रवाहित कर समाज को दुर्गुणों एवं दुर्भाग्य से बचाते हुए सुख, शांति और सौभाग्य की ओर अग्रसर कर रहे हैं। आचार्य भारतभूषण ने कहा कि माता, पिता और गुरु के ऋण से मनुष्य कभी उऋण नहीं हो सकता।इस अवसर पर सच्चिदानंद प्रसाद, विजया सिन्हा, उमाकांत शर्मा, विकास पांडेय, सुभाष पांडेय, अभिषेक, मनोज कुंवर, गणेश जी ओझा, रंग जी सिंह, प्रमोद श्रीवास्तव, रामनारायण गुप्त सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
