
शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 15 सितम्बर। पति की लम्बी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए सुहागिन महिलाओं ने किया हरतालिका तीज व्रत। इस अवसर पर सुहागिनों ने निर्जला व्रत रखा। पूरे दिन निर्जला व्रत रह कर सुहागिन महिलाओं ने शाम मे शंकर भगवान, माता पार्वती और विघ्नहर्ता गणेश भगवान की मूर्ति की पूजा अर्चना की।

सुहागिनों ने भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश भगवान की मूर्ति बनाकर उनकी पूजा-अर्चना की। व्रतियों ने शंकर भगवान, पार्वती जी और गणेश जी की मूर्ति पर चंदन, रोली, अबीर, गुलाल, बेल पत्र, शम्मी पत्र, धतूरा का फूल, धतूरा का फल, भांग, इत्र, गुलाब जल, फूल आदि चढा कर धूप और दीप दिखाया। इसके बाद व्रतियों ने तरह-तरह का फल, तरह-तरह का पेङकिया, ठेकुआ, पान, कसैली आदि चढाया। पूजा के बाद व्रती महिलाओं ने हरितालिका व्रत की कथा सुनी। शंकर भगवान, पार्वती जी और विध्नहर्ता गणेश भगवान की आरती के बाद पूजा संपन्न हुई।

आज मंगलवार की सुबह शंकर भगवान, पार्वती जी और गणेश जी की पूजा करने के बाद हरतालिका तीज व्रत संपन्न हो गया। इसके बाद व्रतियों ने तरह-तरह के पकवान खाकर पारण किया। अनिता सिन्हा, कनक सिन्हा, स्निग्धा शुभम्, ज्योति श्रीवास्तव, सुधांशु देवी, देव कुमारी देवी, माया देवी, मीरा देवी, नीतू देवी, खुशबू देवी, रूपम देवी, पूनम देवी, अनु देवी, ज्योति देवी, पलक देवी, अंशु देवी, कुसुम देवी सहित बड़ी संख्या मे सुहागिन महिलाओं ने हरतालिका तीज व्रत किया और कथा का अनुश्रवण किया। कई महिलाओं ने खुद ही पूजा करके हरतालिका तीज व्रत की कथा पढ़ ली जबकि कई अन्य महिलाओं ने पंडित द्वारा पूजा पाठ करवाया और हरितालिका व्रत की कथा सुना।
