
शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 28 नवम्बर। बिहार स्टेट प्रोग्रेसिव इलेक्ट्रिक वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर मनाए जा रहे काला सप्ताह के दौरान भोजपुर जिला के शाहपुर विद्युत उपकेन्द्र के सभी मानव बलों द्वारा काला बिल्ला लगाकर काम किया जा रहा है। सभी मानव बल अपनी मांगों के समर्थन और सरकार की नीतियों के विरोध मे 25 से 30 नवंबर तक काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। मानव बलों का कहना है कि वर्ष 2012-13 में मानव बल कर्मियों को इलेक्ट्रिक वर्कर्स के रूप मे बहाल किया गया था। उस समय से अब तक एजेंसी के माध्यम से मानव बलों का शोषण किया जा रहा है। मानव बलों की मांग है कि उनको एजेंसी के चंगुल से मुक्त किया जाय। मानव बल 24 घंटे किसी भी समय काम करते हैं और महीने के 30 दिन अपनी सेवा देते हैं। मगर पारिश्रमिक मात्र 26 दिन का ही मिलता है। धूप हो या बारिश, दिन हो या रात, जाङा हो या गर्मी किसी भी स्थिति में मानव बल काम करते हैं। उन्हें 33 केवीए, 11 केवीए और 440 वोल्ट के कार्य मे भी काम करना पङता है। मानव बलों को करेंट लगने या मृत्यु होने पर एजेंसी से महज चार लाख रुपया मिलता है। इसके अलावा अन्य कोई लाभ नहीं मिलता है जबकि हादसे के बाद संबंधित मानव बल का घर परिवार उजड़ जाता है। उसके आश्रितों का भरण पोषण मुश्किल हो जाता है ।मानव बलों का कहना है कि 25 नवंबर से 30 नवंबर तक काला बिल्ला बांध कर काला सप्ताह मनाने के बाद भी अगर हमारी मांगे नहीं मानी जायेंगी तो मजबूरन सभी विद्युतकर्मियों द्वारा 16 दिसंबर को कंपनी के अंचल कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा। इसके बाद 23 दिसंबर को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया जायेगा। 18 एवं 25 जनवरी 2025 तथा 8 फरवरी 2025 को पदयात्रा किया जायेगा। 23 मार्च 2025 को पटना में विशाल मशाल जुलूस निकाला जायेगा। इसके बाद भी अगर मांगे नहीं मानी गईं तो सभी विद्युत कर्मी 25 जून 2025 से हड़ताल पर चले जायेंगे। मानव बलों ने कहा कि जिस तरीके से मानव बल कर्मियों की वाजिब मांगों की अनदेखी की जा रही हैं और समस्त कर्मचारी वर्ग को एक तरीके से खतम करने का षड्यंत्र कंपनी प्रबंधन द्वारा किया जा रहा है, यह उचित नहीं है। शाहपुर विद्युत उपकेंद्र में कार्यरत मानव बलों मे शामिल छोटू यादव, मुन्ना यादव, फिरोज खान सहित अन्य कर्मियों ने काला सप्ताह में काला बिल्ला लगाकर कार्य किया।
