
भोपाल/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)19 अगस्त।इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल के वीथी संकुल स्थित अंतरंग सभागार में आज स्पिक मैके भोपाल चैप्टर एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित पद्मश्री पंडित रोनू मजूमदार की भव्य बांसुरी वादन प्रस्तुति (फ्लूट रेसिटल) का सफलतापूर्वक आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों, शोधार्थियों, संगीत प्रेमियों तथा नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर भारतीय शास्त्रीय संगीत की अनुपम प्रस्तुति का आनंद लिया।
विश्वविख्यात बांसुरी वादक पद्मश्री पंडित रोनू मजूमदार ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से पूरे सभागार को सुरों की मधुरता से सराबोर कर दिया। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत की विविध शैलियों और रागात्मक अभिव्यक्तियों का ऐसा सम्मोहक प्रदर्शन किया कि श्रोता पूरे कार्यक्रम के दौरान मंत्रमुग्ध रहे।
कार्यक्रम में उन्होंने क्रमशः सा रे गा मा प ध नि सा, वृंदावन सारंग की धुन, तीन ताल (16 मात्राएँ), तिहाई, अंतरा, तथा झाला जैसी शास्त्रीय प्रस्तुतियाँ दीं। इसके पश्चात उन्होंने संत मीरा के प्रसिद्ध भजन “पायोजी मैंने राम रतन धन पायो”, लोकधुन “पधारो म्हारे देश “ तथा समापन में देशभक्ति गीत “सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा” की मनोहारी प्रस्तुति बांसुरी से देकर एवं गाकर वातावरण को भावविभोर कर दिया। अंतिम प्रस्तुति के साथ पूरा सभागार देशभक्ति के भाव से गूंज उठा और श्रोताओं ने जोरदार तालियों से कलाकार का अभिनंदन किया।
इस संगीत संध्या में कल्पेश सचाला ने बांसुरी पर तथा रामेंद्र सिंह सोलंकी ने तबले पर उत्कृष्ट संगत प्रस्तुत कर कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ एस के पांडे एवं संचालन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन म्यूजियोलॉजी के विद्यार्थियों द्वारा किया गया।
संग्रहालय के जन संपर्क अधिकारी हेमंत बहादुर सिंह परिहार ने बताया इस अवसर पर भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा युवा पीढ़ी को उससे जोड़ने में स्पिक मैके की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और संग्रहालय इस प्रकार के आयोजन पूर्व में भी देश के प्रतिष्ठित शास्त्रीय संगीत कलाकारों के साथ मिलकर करता आया है ।
