
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)28 जुलाई। बिहार सरकार की ओर से प्रस्तावित विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य प्रो. बलिराज ठाकुर ने विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए इसे उच्च शिक्षा, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक बताया है।प्रो. ठाकुर ने कहा कि पिछले कई दिनों से वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के शिक्षक भी इस विधेयक के विरोध में अपनी आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि प्रस्तावित संशोधन विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, शैक्षणिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा आघात है।यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सीबीसीएस, चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) को लागू करने की दिशा में विश्वविद्यालय कार्य कर रहे हैं। ऐसे मे विधेयक उच्च शिक्षा व्यवस्था को अस्थिर करने वाला कदम साबित हो सकता है।नकारात्मक प्रभाव शिक्षकों, विद्यार्थियों और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर भी पड़ेगा।
सीनेट सदस्य ने उच्च शिक्षा से जुड़े सभी पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही इस प्रकार के महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने चाहिए।
