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गढ़वा:उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति (PC&PNDT) की बैठक का आयोजन।

जिला सलाहकार समिति की बैठक में PC&PNDT तथा स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत विभिन्न कार्यों की हुई समीक्षा।
उपायुक्त ने मुखबिर/डिकॉय योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का दिया निदेश।

RKTV NEWS/गढ़वा (झारखंड)03 जुलाई।समाहरणालय गढ़वा स्थित सभागार में उपायुक्त -सह- जिला समुचित प्राधिकारी (PC&PNDT) गढ़वा, पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिला सलाहकार कमिटी (PC&PNDT) की बैठक आयोजित की गई है, जिसमें पीसी & पीएनडीटी ऐक्ट पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से संक्षिप्त जानकारी दिया गया।

बैठक में मुख्य रूप से गढ़वा जिले में सेक्स रेश्यो, अल्ट्रासाउंड क्लीनिक/सेंटर, पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड क्लीनिक, नए अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीदारी, पिछले बैठक में लिए गए निर्णय का अनुपालन, नए अल्ट्रासाउंड केंद्र हेतु प्राप्त आवेदन एवं रिन्यूअल तथा मुखबिर/डिकॉय योजना को लेकर कमिटी द्वारा विचार विमर्श किया गया।

बैठक में उपायुक्त ने गढ़वा जिला में अनाधिकृत रूप से बिना लाइसेंस के संचालित क्लीनिक के विरुद्ध कार्रवाई का निदेश दिया, जिससे अवैध रूप से संचालित क्लिनिक को बंद कराया जा सके। वहीं नए क्लीनिक के लाइसेंस हेतु आए आवेदनों की जानकारी गई। उपायुक्त ने सभी आवश्यक दस्तावेज एवं PC&PNDT ACT के तहत अहर्ता रखने की उपलब्धता सुनिश्चित करने के पश्चात ही लाइसेंस निर्गत करने की बात कही।

वैसे अल्ट्रासाउंड सेंटर जिनका लाइसेंस पूर्ण हो गया है, उन्हें लाइसेंस रिनुअल के लिए आवेदन करने का निदेश दिया गया। लाइसेंस रिनुअल हेतु तीन अल्ट्रासाउंड सेंटर क्रमशः न्यू एडवांस डाईग्नोस्टिक सेंटर, MGM हॉस्पिटल & रिसर्च सेंटर, गढ़वा नर्सिंग होम तथा हेल्थमैप डाइग्नोसटिक्स Pvt. Ltd. मनिपाल यूनिट- सदर हॉस्पिटल, गढ़वा का आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने कहा कि बिना लाइसेंस रिन्यूअल के अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन ना हो, यह सुनिश्चित कराया जाए।

वहीं बैठक में सिविल सर्जन ने पीसी & पीएनडीटी एक्ट के तहत कुछ नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि नए नियम के अनुसार केंद्र के बाहर डॉक्टर का नाम, मोबाइल नंबर एवं फोटो लगवाना अनिवार्य है। साथ ही केंद्र के बाहर “यहां लिंग परीक्षण नहीं होता है” से संबंधित एक बोर्ड लगाना भी आवश्यक है। उपायुक्त ने नियमों का अनुपालन अविलंब सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी लाइसेंस प्राप्त केन्द्रों को उक्त नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।

उपायुक्त ने जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केन्द्रों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। वैसे केंद्र जो नियमों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें नोटिस देते हुए अविलंब सील करने को कहा गया।

सिविल सर्जन गढ़वा द्वारा अनाधिकृत रूप से अथवा अयोग्य चिकित्सकों द्वारा संचालित किए जाने वाले अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर कृत कार्रवाई से उपायुक्त को अवगत कराया गया। उन्होंने गढ़वा जिला अंतर्गत अब तक कुल 37 क्लिनिक्स/अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर FIR एवं सील आदि कार्रवाई करने की जानकारी दी। उन्होनें बताया कि क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत 7 फाइन (जुर्माना), 2 एफ़आईआर (प्राथमिकी), 10 सील (बंद), 12 पर एफ़आईआर एवं सील तथा 06 से स्पष्टीकरण करने का कार्य किया गया है।

बैठक के दौरान मुखबिर/डिकॉय योजना की जानकारी दी गई। इस योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि मुखबिर/डिकॉय योजना के तहत लिंग परीक्षण रोकिए, दोषियों की सही सूचना देकर इनाम पाईए।लिंग परीक्षण/लिंग निर्धारण कानूनन अपराध है। यदि लिंग परीक्षण अथवा लिंग निर्धारण से संबंधित कोई जानकारी दी जाएगी तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी एवं जानकारीदाता को इनाम दिया जाएगा।
इसके अंतर्गत मुखबिर को ₹40,000, गर्भवती महिला को ₹40,000 एवं सहयोगी को ₹20,000 दिए जायेंगे। अवैध लिंग जांच करने वाले संस्थानों या व्यक्तियों की सही सूचना जिला समुचित प्राधिकारी या 104 पर देने की बात कही गई।
उपायुक्त श्री मिश्रा द्वारा मुखबिर/डिकॉय योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करने हेतु निर्देशित किया गया ताकि लोग इसके प्रति जागरूक हों एवं लिंग परीक्षण जैसे घृणित कार्य को रोका जा सके।
बैठक के दौरान सदर अस्पताल, गढ़वा में अधिष्ठापित अल्ट्रासाउण्ड मशीन का सही ढंग से कार्य नहीं करने व ख़राब होने की जानकारी दी गई। डी०एम०आर०डी० चिकित्सक के द्वारा बताया गया है कि पूर्व का अल्ट्रासाउण्ड मशीन से कार्य नहीं किया जा सकता है। फलस्वरूप जनहित में मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रख-रखाव योजना के तहत् प्राप्त निधि से 01 (एक) नया Upgraded Version का अल्ट्रासाउण्ड मशीन का क्रय करने का प्रस्ताव, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, गढ़वा द्वारा दिया गया।
बैठक में उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत विभिन्न कार्यो की भी समीक्षा किया। इनमें मुख्य रूप से एचएमआईएस पोर्टल, एएनसी रजिस्ट्रेशन, गर्भवती महिलाओं की संख्या, संस्थागत प्रसव, आकांक्षी जिला अंतर्गत विभिन्न इंडिकेटर, एएनसी चेकअप, चाइल्ड इम्यूनाइजेशन, फैमिली प्लानिंग, चिकित्सकों की उपस्थिति, एम्बुलेंस की उपलब्धता समेत स्वास्थ्य विभाग की अन्य भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर गहन समीक्षा कर उपायुक्त ने कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस बैठक में मुख्य रूप से सिविल सर्जन डॉक्टर जेएफ कैनेडी, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. माहेरु यमानी, डीडीएम सुजीत कुमार मुंडा, डीपीएम गौरव कुमार, अन्य चिकित्सा पदाधिकारी समेत चिकित्सा विभाग के अन्य कर्मी व पदाधिकारी उपस्थित थें।

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