
भोपाल/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद) 02जुलाई।माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के परिसर में पिछले साल रोपण किये गए पौधे का वानिकी विशेषज्ञ डॉ. सुदेश वाघमारे ने अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रजातियों के एक हजार एक सौ ग्यारह पौधे पहली बारिश, पहली सर्दी और इस बार की कुछ ज्यादा ही रही पहली गर्मी को झेल गए हैं। अधिकांश पौधों का स्वास्थ्य अच्छा है और वे उन्नत हुए हैं। यह पौधों की अच्छी और नियमित देखरेख का ही परिणाम है।
जून 2026 में डॉ. वाघमारे के मार्गदर्शन में ही विश्वविद्यालय की टीम ने इन पौधों के रोपण और आवश्यकता अनुसार प्रजाति चयन की तैयारियाँ की थीं।
उन्होंने कहा कि पहली बार रोपे गए पौधों के लिए गर्मी का मौसम विशेष रूप से सबसे कठिन होता है, जब उन्हें आदर्श पोषण के लिए ड्रिप सिंचाई की जरूरत होती है। यह पद्धति पानी की बचत और जड़ों के लिए धीमी गति से नमी पहुँचाने में सहायक होती है। किंतु एमसीयू परिसर में बिना ड्रिप लाइन के केवल एक-एक पौधे को नियमित पानी देने से पौधों की प्रगति संतोषजनक है।
इस मौके पर प्रसिद्ध शब्दवेत्ता अजित वडनेरकर भी मौजूद थे। कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने उनका स्वागत किया और उन खाली स्थानों का अवलोकन भी कराया, जहाँ पौधे रोपने की और गुंजाइश है। इस मानसून में भी सीमित संख्या में रिक्त स्थानों पर पौधरोपण की योजना है।
