भरत तिवारी के परिजन से मिल कहा – एनकाउंटर मॉडल खतरनाक है, इस पूरी अवधारणा के खिलाफ लड़ना होगा।

भाजपा का बुलडोजर और एनकाउंटर राज माफिया राज से कम नहीं :दीपंकर भट्टाचार्य

4 जुलाई को मॉब लिंचिंग, फर्जी मुठभेड़ों, बुलडोजर और पुलिस राज के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध दिवस।
शाहपुर/ भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा)1 जुलाई ।आज माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य के नेतृत्व में भाकपा माले की एक उच्चस्तरीय टीम सुबह सुबह बिहार शरीफ़ के गंजपर पहुंची. राजगीर में जिन दो युवाओं श्रवण पासवान और पिंटू पासवान की पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी, इसके बाद टीम नगरनौसा होते हुए शाहपुर के बिलौटी पहुंची। जहाँ भरत तिवारी के परिजनों और बिलौटी में जावैनिया के विस्थापितों से मुलाकात किया।
उच्चस्तरीय टीम ने भाकपा – माले जिला कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित किया।
इसमे राष्ट्रीय महासचिव कामरेड दीपंकर भट्टाचार्य, राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो सदस्य अमर, केंद्रीय कमिटी सदस्य व लोकयुद्ध के संपादक सन्तोष सहर, केंद्रीय कमिटी सदस्य व पालीगंज के विधायक संदीप सौरभ, केंद्रीय कमिटी सदस्य परवेज, राज्य कमिटी सदस्य व डुमरांव पूर्व विधायक अजित कुशवाहा, जिला से केंद्रीय कमिटी सदस्य व जिला सचिव अभ्युदय, राज्य कमिटी सदस्य व अगिआंव पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन, राजू यादव, कयामुद्दीन अंसारी, , संगीता सिंह, आरवाईए जिला अध्यक्ष विशाल कुमार, जिला सचिव निरंजन केसरी, आइसा जिला सचिव जयशंकर कुमार, जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम,जिला स्थाई समिति सदस्य चंदन कुमार आदि शामिल थे।
दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि आज बिहार और देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून के राज को बचाने की है। सरकार कानून और न्याय की जगह एनकाउंटर, बुलडोजर और दमन को शासन का मॉडल बनाना चाहती है।
विधानसभा से लेकर सड़क तक जनता इन सवालों को पूरी ताकत से उठाएगी और इस मॉडल को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बेलौटी गाँव के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भरत तिवारी की बहन ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि सरकार दोषियों को बचाने और पूरे मामले को मैनेज करने में लगी है। जाँच की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और सरकार का रवैया संदेह पैदा करता है। उन्होंने मांग की कि प्रभावशाली लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जाँच हो तथा जाँच पूरी होने तक संबंधित लोगों को तत्काल निलंबित किया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी घटना को जाति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। चाहे भरत तिवारी हों, राजगीर के दलित युवक हों या किसी भी समुदाय का कोई पीड़ित—सभी को समान न्याय मिलना चाहिए। आज स्थिति यह है कि कहीं जाति पूछकर हत्या की जा रही है तो कहीं मंदिर में प्रवेश करने पर लोगों को पीट-पीटकर मार दिया जा रहा है। ऐसी घटनाएँ सभ्य समाज पर कलंक हैं।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर महंगाई चरम पर है, मनरेगा को लगातार कमजोर किया जा रहा है और नए श्रम कानूनों सहित कई कानून मेहनतकश जनता के अधिकारों पर हमला कर रहे हैं। नौजवान रोजगार की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बेरोजगारी और पेपर लीक मिल रहा है। दिल्ली में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के नेता शिक्षा और रोजगार के सवाल पर अनशन पर बैठे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि राम के नाम पर मंदिर बनाने का नारा देकर करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था का इस्तेमाल किया गया, लेकिन अब चंदा और भूमि घोटालों के आरोप सामने आ रहे हैं। यह करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है और इसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
उन्होंने घोषणा की कि आने वाले दिनों में “दाम बाँधो, काम दो”, “बुलडोजर राज खत्म करो”, “कानून का राज स्थापित करो” और “लोकतंत्र बचाओ” के सवालों पर व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। अगस्त महीने से इन मुद्दों पर राज्यव्यापी आंदोलन का नया चरण शुरू होगा।
उन्होंने बिहार की जनता से अपील की कि 4 जुलाई के राज्यव्यापी विरोध दिवस में बड़ी संख्या में भाग लेकर मॉब लिंचिंग, फर्जी मुठभेड़ों, बुलडोजर राज, पुलिस दमन, बेरोजगारी, महंगाई तथा संविधान-विरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।
यह जानकारी भाकपा-माले जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम ने प्रेस रिलीज जारी पत्रकारों को दी!

