
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)24 जून।स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग मंत्री और भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष महान बलिदानी डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान-दिवस पर अखिल भारतीय जनसंघ की जिला इकाई द्वारा फ्रेंड्स कॉलोनी कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अखिलेश्वर नाथ तिवारी ने की। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य भारतभूषण पाण्डेय ने कहा कि डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी विख्यात शिक्षाविद, कानूनवेत्ता और दूरदर्शी राजनेता थे जिन्होंने स्वतंत्र भारत की पहली सरकार की दिशाहीनता और उसके संभावित दुष्परिणाम का आकलन कर राजनीति को राष्ट्रवादी-यथार्थवादी दिशा देने के लिए भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। वे महान विधिवेत्ता और कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश शेरे बंगाल सर आशुतोष मुखर्जी के स्वनामधन्य सुपुत्र और कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे छोटी आयु के कुलपति थे। देश की परतंत्रता और विकट परिस्थितयों को देखकर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी, बंगाल के वित्त मंत्री, संविधान सभा के सदस्य तथा केन्द्रीय उद्योग मंत्री के दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। उनके प्रयासों से आधा बंगाल और आधा पंजाब पाकिस्तान जाने से बच गए और उनके बलिदान से जम्मू-कश्मीर के लिए दो निशान, दो विधान और दो प्रधान के साथ-साथ परमिट वीज़ा की कुप्रथा समाप्त हो सकी। राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य अधिवक्ता सत्येन्द्र नारायण सिंह ने कहा कि आज संसद और विधानमंडलों में अयोग्य, अवसरवादी और राजनीतिक-आर्थिक विषयों की लगभग समझ नहीं रखनेवाले लोगों का प्रवेश हो चुका है। अच्छे लोग हाशिए पर हैं। यह समाज के लिए अत्यंत दुःखद और घातक स्थिति है। अध्यक्षीय उद्बोधन में अधिवक्ता अखिलेश्वर नाथ तिवारी ने कहा कि जनसंघ आज भी डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर अडिग है और राजनीतिक शुचिता, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद तथा एकात्म मानववाद के विचारों से अखंड भारत,भारतीय साहित्य, इतिहास और शिक्षा तथा गोवंश की रक्षा के लिए संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य भारतभूषण पाण्डेय के नेतृत्व में डॉ मुखर्जी की 125 वीं जयंती पर वर्षपर्यंत पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसकी पूर्णता का भव्य पूर्ति समारोह नई दिल्ली में आगामी पांच जुलाई को मनाया जाएगा जिसमें आरा से भी कार्यकर्ता भाग लेंगे। कार्यक्रम का संचालन मधेश्वर नाथ पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन ब्रजकिशोर पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर ध्रुव कुमार सिंह, अजय कुमार पाठक, रामप्रकाश पाण्डेय, विश्वनाथ दूबे, चतुर्भुज ओझा,वीरेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, मृत्युंजय चौधरी, सुनील कुमार, निलेश मिश्र आदि प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे।
