
RKTV NEWS/दुमका ( झारखंड)10 जून।पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम स्वशासन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में एक दिवसीय जिला स्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।
उपायुक्त ने कहा कि पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम (PESA) अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों को स्थानीय संसाधनों, परंपराओं एवं विकास योजनाओं के संबंध में निर्णय लेने का महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान करता है। झारखंड नियमावली, 2025 के माध्यम से इन प्रावधानों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों से नियमावली के प्रावधानों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने तथा ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने की दिशा में समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
कॉन्फ्रेंस के दौरान मास्टर ट्रेनर शैलेन्द्र सिंह, जोन सोरेन एवं सेबेस्टियन सोरेन द्वारा पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 के विभिन्न प्रावधानों, उद्देश्यों एवं क्रियान्वयन की प्रक्रियाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने ग्राम सभा की भूमिका, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं प्रबंधन, स्थानीय परंपराओं एवं सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण, विकास योजनाओं में जनभागीदारी तथा अनुसूचित क्षेत्रों में स्वशासन की अवधारणा पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने नियमावली के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार एवं सुझाव भी साझा किए। उपस्थित प्रतिनिधियों ने ग्राम सभाओं की क्षमता वृद्धि, जनजागरूकता अभियान एवं स्थानीय स्तर पर नियमावली के प्रभावी अनुपालन के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं स्थानीय समुदायों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों ने जिला प्रशासन की पहल की सराहना की तथा अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम स्वशासन को मजबूत बनाने के लिए निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, परंपरागत आदिवासी स्वशासी संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभिन्न सिविल सोसायटी संगठनों के सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्राम प्रधानों ने भाग लिया।
