
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)08 जून।आज जिला पदाधिकारी, भोजपुर, तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में ज़ूम मीटिंग के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्रेशन, सहयोग शिविर एवं राजस्व कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान की समीक्षा करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी कृषि समन्वयक एवं कृषि सलाहकार के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व एवं कृषि विभाग की टीमों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को आवश्यक राजस्व संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान करते हुए अधिकाधिक पंजीकरण कराया जा सके।
राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों को म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), डिफेक्ट चेक, परिमार्जन (रेक्टिफिकेशन एवं डिजिटाइजेशन), खेसरा त्रुटि एवं नाम मिलान से संबंधित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही भू-राजस्व की वसूली में तेजी लाने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक भूमि को चिन्हित कर उसका अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे से किसानों के फार्मर रजिस्ट्रेशन में भी तेजी आएगी।
सहयोग शिविर की समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि 02 जून 2026 को आयोजित सहयोग शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों पर समानांतर रूप से कार्रवाई करते हुए उनका त्वरित निपटारा किया जाए।
आगामी 16 जून 2026 को आयोजित होने वाले सहयोग शिविर के सफल आयोजन को लेकर जिला पदाधिकारी ने केंद्रीकृत आवेदन प्राप्ति प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया। साथ ही ऐसे व्यक्तियों की सहायता हेतु विशेष कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा, जो स्वयं आवेदन लिखने में असमर्थ हैं।
उन्होंने निर्देश दिया कि सहयोग शिविरों का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए जीविका दीदी, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका, विकास मित्र तथा अन्य क्षेत्रीय कर्मियों के माध्यम से व्यापक जनसंपर्क एवं प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिकाधिक लोग शिविरों में पहुंचकर सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
जिला पदाधिकारी ने सहयोग शिविरों के लिए प्रतिनियुक्त 42 पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने पंचायतों में प्राप्त आवेदनों के डिजिटाइजेशन एवं निष्पादन कार्यों की नियमित निगरानी करें तथा यह सुनिश्चित करें कि सभी मामलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निपटारा हो।
अंत में जिला पदाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन सहयोग पोर्टल www.sahyog.bihar.gov.in के माध्यम से भी ऑनलाइन जमा कर सकते हैं, ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त भोजपुर,अपर समाहर्ता राजस्व, भोजपुर, अपर समाहर्ता आपदा,सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
