
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)05 जून।गंगा तट पर अवस्थित शिवपुरी में पुरुषोत्तम मास में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह यज्ञ के प्रथम दिवस पूज्य जीयर स्वामी जी महाराज के कृपा पात्र ब्रह्मपुर पीठाधीश्वर आचार्य धर्मेंद्र जी महाराज ने श्रीमद् भागवत महात्म्य की कथा कहते हुए बतलाया की श्रीमद् भागवत की कथा साधन से नहीं मिलती,न साधना से ही।यह कथा तब मिलती है जब गुरु गोविंद की अहेतुकी कृपा होती है ।श्रीमद् भागवत महात्म्य की कथा स्कंद पुराण के पांच अध्याय में आती है ।प्रथम अध्याय का प्रथम श्लोक में भगवान नारायण हरि के स्वरूप, प्रभाव और स्वभाव का वर्णन आता है। पुनः कौशिक संहिता की कथा आती है जिसमें श्रीमद् भागवत अवतरण की कथा आती है।प्राकट्य भगवती की जिज्ञासा को पूरा करने के लिए भगवान भोलेनाथ श्रीमद् भागवत की दिव्य कथा जगदंबा को श्रवण करते हैं।कथा क्रम में वृंदावन में भक्ति देवी ज्ञान और वैराग्य की कथा सुनाते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत ही वह माध्यम है जो सुषुप्त ज्ञान और वैराग्य को जाग्रत अवस्था में ला सकता है और भक्ति को पुष्ट कर सकता है ।कलयुग की श्रेष्ठ उपासना का नाम भक्ति है भक्ति ही मुक्ति की सरल साधन है । कथा श्रवण करने हेतु दुरदराज से भक्त पधारे हैं ।व्यवस्थापक द्वारा श्रोताओं के लिए उत्तम व्यवस्था सरस गायन के साथ की गई है ।सोनभद्र क्षेत्र से पधारे हुए भोजपुरी सम्राट अजय बाबा की दिव्य उपस्थित मंच की शोभा बढ़ा रही है।कथा अपराहन 2:00 बजे से हरि इच्छा पर्यन्त तक चलती है। कथा का विश्राम 10 जून को सुंदर भंडारे से होगा।
