कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर सामाजिक न्याय विभाग ने दिलाया सुरक्षित आश्रय।
इंदौर/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)04 जून।मानवीय संवेदनाओं और त्वरित प्रशासनिक पहल का एक और प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। मुकेश शर्मा, जो लंबे समय से इंदौर शहर में सड़कों पर जीवनयापन करने को मजबूर थे, उन्हें इंदौर जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया गया है।
मुकेश शर्मा के परिवार अथवा देखभाल करने वाला कोई नहीं है। जीवन की विषम परिस्थितियों के कारण वे निराश्रित अवस्था में शहर में रह रहे थे। उन्होंने कई स्थानों पर सहायता और आश्रय की तलाश की, किन्तु उन्हें कोई स्थायी व्यवस्था नहीं मिल सकी। लगातार कठिनाइयों का सामना कर रहे मुकेश शर्मा ने अपनी समस्या इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के समक्ष प्रस्तुत की।
समस्या की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देशों के पालन में विभागीय अधिकारियों ने समाजसेवियों की टीम के सहयोग से मुकेश शर्मा की स्थिति का आकलन किया तथा उनके पुनर्वास के लिए त्वरित कदम उठाए।
विभाग द्वारा समन्वित प्रयास करते हुए मुकेश शर्मा को पितृ पर्वत स्थित निराश्रित सेवा आश्रम में सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया गया। आश्रम में उन्हें रहने, भोजन तथा आवश्यक देखभाल की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे वे सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण में अपना जीवन व्यतीत कर सकेंगे।
सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन निराश्रित, असहाय एवं जरूरतमंद व्यक्तियों के पुनर्वास और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। ऐसे व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें सम्मानपूर्ण जीवन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत व्यवस्थाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।
जिला प्रशासन की इस संवेदनशील एवं मानवीय पहल से मुकेश शर्मा को न केवल आश्रय मिला है, बल्कि उनके जीवन में नई उम्मीद और सुरक्षा का संचार भी हुआ है। यह पहल प्रशासन की जनसेवा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

