लड़खड़ा रही है ‘राजनीति’, अब ‘दिनकर’ की ज़रूरत है,जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन! पूर्व अध्यक्ष ‘ब्रज्वल्लभ’ को भी दी गयी श्रद्धांजलि।
पटना/बिहार 24 सितम्बर। ‘राजनीति’ लड़खड़ाने लगी है। क्योंकि अब इसे साहित्य का संबल नहीं मिल रहा। मिले भी कैसे? आज के राजनेता साहित्य से उतनी...
