
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)14 फ़रवरी।बिहार राज्य विश्वविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुटाब) ने शिक्षा विभाग में अधिकारियों के फेरबदल का स्वागत किया है।महासंघ के अध्यक्ष प्रो कन्हैया बहादुर सिन्हा और महासचिव संजय कुमार सिंह, विधान पार्षद, ने कहा कि तत्कालीन पदाधिकारी गण के नकारात्मक कार्य शैली ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को जितना नुकसान पहुंचाया है उसकी भरपाई में कितना समय लगेगा उसका आकलन अभी नहीं किया जा सकता है। वेतन और पेंशन के महीनों नहीं मिलने से स्कूल से लेकर महाविद्यालयों तक त्राहिमाम की स्थिति बनी हुई है।किसी अधिकारी को सेवा विस्तार देने से सरकार की भी किरकिरी हुई। इससे शिक्षा संबंधी कार्यों में बाधा आई ,विकास कार्य अवरुद्ध हुए,आपसी कटुता बढ़ी,शैक्षणिक माहौल का माखौल बना।
शिक्षा को राष्ट्रीय मानकों तक पहुंचाने के मुख्य मंत्री के प्रयासों और निश्चय को भी गम्भीर चोट पहुंचाई है, चूंकि विभाग के प्रमुख अतिरिक्त मुख्य सचिव भी एक तरह से पार्ट टाइम अधिकारी की तरह कार्य कर रहे हैं। इसीलिए अधिनस्थ अधिकारी मनमानी करते रहे हैं और शिक्षा मंत्री को भी महत्वपूर्ण विषयों पर गुमराह किए हैं।
नेताओं ने कहा कि महिनों वेतन पेंशन भुगतान नहीं किए जाने से सरकार की छवी भी धूमिल हो रही है। अल्प वेतन भोगी कर्मचारी एवं पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं की बदतर स्थिति के प्रति भी संवेदनहीनता आश्चर्यजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपतियों ने भी शिक्षा मंत्री के साथ बैठक में वेतन पेंशन के भुगतान में बिलम्ब और अनियमितता के मामले पर चुप्पी साध ली,हां में हां मिलाते रहे।अधिनस्थ व सहयोगियो के लिए एक आवाज तक नहीं निकाली,जबकि यह उनका प्राथमिक दायित्व है।महासंघ ने उम्मीद जताई की अधिकारीगण का फेरबदल शिक्षा विभाग की कार्यशैली को सकारात्मक बनाते हुए विभाग की छवि को नया रूप देगें।होली का अतिरिक्त तोहफा की भी आश जगी है।
