
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)01 फ़रवरी। जनपद का प्राचीन व ऐतिहासिक महादेवा हनुमान मंदिर अपनी विशेषताओं के लिए पूर्व से विख्यात है। सदियों पूर्व से बसंत पंचमी के दिन श्री हनुमान जी महाराज की पूजा अर्चना के बाद संध्या समय सज-धज कर रथ पर सवार होकर बैंड़,बाजा,लाईट,गदका भांजते जुलूस के साथ समिति के सदस्य रंग बिरंगे परिधान पहनकर निकलते हैं। इस बार का आयोजन 3 फरवरी 2025 को पुजारी एवं आचार्य के निर्देश पर हो रहा है। सामूहिक पूजा 10:00 बजे दिन से प्रारंभ होगी, 2:00 बजे से सम्मान समारोह और 4:00 बजे हनुमान जी पूजा आरती के बाद अतिथियों से रथ खींचकर जुलूस का शुभारंभ होगा।
अध्यक्ष ने बताया की हनुमान जी की मूर्ति लकड़ी की है ।जुलूस निर्धारित मुख्य मार्ग से घुमते हुए पुनः मंदिर में वापस आ जाते हैं। पूर्व में कुश्ती ,और कसरत,गंदा भांजने का प्रदर्शन, आदि महत्वपूर्ण हिस्सा था। महत्वपूर्ण विरासत में लकड़ी के हनुमान जी ,मंदिर परिसर में बड़ा सा प्राचीन कुआं,माटिकोडवा आंगन, तुलसी चबुतरा, पुष्प वाटिका,रथ घर,उपरी तल पर सभागार अपूर्ण, कार्यालय अपूर्ण, मंदिर का खाता,आय व्यय पंजी अडिटेड,आदि वर्ष 2004 से सुरक्षित है। अध्यक्ष ने बताया की मंदिर समिति द्वारा सालों भर जनहितकारी कार्यक्रम चलाए जाते-जाते रहते हैं। जिसमें स्वास्थ्य जांच शिविर व दवा वितरण, निशुल्क नेत्र आपरेशन लेंस लगा कर, कंबल वितरण, साड़ी वितरण,शिक्षक सम्मान, महापुरुषों की पुण्यतिथि व जयन्ती, ब्लड डोनेशन, आदि के साथ साथ मंदिर विकास, गुंबज निर्माण,रथ और मंदिर की रंगाई पुताई, रामनवमी शोभा यात्रा में भागीदारी, हनुमत पुष्प स्मारिका का प्रकाशन आदि कार्य होते हैं।महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निर्वहन करने वालों में सतीश कुमार, सोनू कुमार ,रिषभ,अमर कश्यप, विक्की कुमार ,शंभू उर्दू ,नीरज कुमार केसरी,नंदलाल सिंह ,आशीष कुमार केसरी, बहादुर जी ,निखिल कुमार ,हिमांशु केसरी, सुरेंद्र सिंह , आनंद मोहन सिन्हा सहित अन्य प्रमुखता से कार्य कर रहे हैं।
