
नजरबंदी, मौलिक अधिकारों के हनन और असहमति के स्वरों को दबाने की कार्रवाई को करती है स्पष्ट।
कानून व्यवस्था के नाम पर बिहार को पुलिसिया राज में बदलने की है कोशिश।
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)04 जनवरी। आज आइलाज के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य अमित कुमार गुप्ता उर्फ बंटी ने अपने आइलाज भोजपुर द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में आइलाज एडवोकेट अजात शत्रु, जो आइलाज की राष्ट्रीय समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं की की गई नजरबंदी को गैरकानूनी और असंवैधानिक नज़रबंदी की संज्ञा देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
अमित कुमार गुप्ता ने बताया की बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी प्रगति यात्रा के तहत राज्य भर में दौरा कर रहे हैं. इस दौरान, जब वह गोपालगंज का दौरा करने वाले हैं, राज्य तंत्र ने एक बार फिर इस वर्ष की पहली छमाही में होने वाले चुनावों से पहले पुलिस शक्तियों का मनमाना और अनुचित प्रयोग किया है।
आज, 4 जनवरी 2025 को, एडवोकेट अजात शत्रु को सुबह की सैर के दौरान पुलिस ने रोका और उन्हें घर में नज़रबंद कर दिया. यह कदम न केवल उनके मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 14, 19, 21 और 22) का स्पष्ट उल्लंघन है, बल्कि असहमति के स्वरों को दबाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर बिहार को पुलिस राज में बदलने की कोशिश भी है.l। यह भी महत्वपूर्ण है कि यह पहली बार नहीं है जब उनके दैनिक जीवन में इस तरह का हस्तक्षेप किया गया है।मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान पुलिस नियमित रूप से उनके निजी जीवन और एक वकील के पेशेवर कर्तव्यों में बाधा डालती है।
उन्होंने बताया की आइलाज राष्ट्रीय समिति और आइलाज बिहार राज्य समिति व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गोपनीयता के इस उल्लंघन, साथ ही एक वकील के व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में हस्तक्षेप की कड़ी निंदा करती है साथ ही सभी एडवोकेट अजात शत्रु की तुरंत रिहाई की मांग करते हैं।
