
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)28 दिसंबर।डुमरिया गांव में जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को मशरूम उत्पादन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र, भोजपुर द्वारा किया गया। जिसमें महिलाओं को मशरूम उत्पादन को जीविका का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया गया। महिलाएं चाहे तो ग्रुप बनाकर बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन कर अपने आप को सफल उद्यमी बन सकती है।
गृह विज्ञान वैज्ञानिक सुप्रिया वर्मा ने घरेलू स्तर पर मशरूम उत्पादन के तरीकों और इसके पोषण संबंधी लाभों पर चर्चा की।उन्होंने महिलाओं को यह बताया कि मशरूम न केवल एक लाभदायक व्यवसाय हो सकता है,बल्कि यह पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ भी है। कम लागत और कम स्थान में भी किया जा सकता है। जरूरत है एक संकल्प शक्ति की, घर से निकलकर अपने पैरों पर खड़ा होने की। मदद के लिए कृषि विज्ञान केंद्र और सरकार बराबर उपलब्ध है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. राम नरेश ने मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए बीज तैयार करने, बैग बनाने और जलवायु के अनुसार मशरूम उत्पादन की तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को बताया कि कैसे कम लागत में फसल अवशेष का बेहतर प्रबंधन करते हुए उससे मशरूम उत्पादन कर अधिक लाभ कमाया जा सकता है। इस कार्यक्रम में तकनीकी सहायक अंकित कुमार उपाध्याय भी उपस्थित थे। उन्होंने उत्पादन में उपयोग होने वाले उपकरणों और संसाधनों के सही उपयोग की जानकारी दी। प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और इसे अत्यंत उपयोगी बताया। महिलाओं का कहना था कि यह प्रशिक्षण उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ जलवायु अनुकूल खेती को अपनाने में भी सहायता करेगा। यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
