
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)27 दिसंबर।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, दक्षिण बिहार के 66वां प्रांत अधिवेशन के तीसरे दिन गुरूवार को महाराजा कॉलेज से शोभायात्रा व खुला अधिवेशन का आयोजन शहर के रामलीला मैदान रमना में किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री शिवांगी खारवाल शामिल हुई। एवं अधिवेशन में आए हुए दक्षिण बिहार प्रान्त के हजारों प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सोभा यात्रा महाराजा कॉलेज से निकलकर मुख्य सड़क मार्ग होते हुए रामलीला मैदान रमना में एक विशाल जन समूह में एकत्रित हुआ। खुला अधिवेशन में कई विषयों को लेकर मंच पर उपस्थित वक्तायों ने अपना उद्बोधन दिया। जिसमें मुख्य वक्ता राष्ट्रीय मंत्री शिवानी खारवाल,प्रान्त मंत्री सुमित कुमार उर्फ़ छोटू सिंह,राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य विक्की आनंद,कुणाल पाण्डेय,डॉक्टर प्रेम रंजन चतुर्वेदी, आयुषी गुप्ता,ऋतूराज चौधरी. सूर्यमणि,ओम गोल्डी सिंह ने अपना उद्बोधन खुला अधिवेशन में आए हुए प्रतिनिधियों एवं समाज के उपस्थित लोगो के बीच में रखा।
आज खुला अधिवेशन का आयोजन रामलीला मैदान रमना में दक्षिण बिहार प्रान्त के द्वारा आयोजित किया गया है।जिसमे आभाविप के हज़ारो कार्यकर्ता सम्मिलित हुए हैं।
राष्ट्रीय मंत्री शिवांगी खरवाल* ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दक्षिण बिहार के इस प्रांत अधिवेशन के इस खुले अधिवेशन के मंच से मांग करती है। कि स्वायत्तता विश्वविद्यालयों को न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में बढ़ने में मदद करती है, बल्कि यह समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे वे अधिक उत्तरदायी और प्रभावी संस्थान बन सकते हैं। बिहार प्रदेश में शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों पर नियुक्ति शीघ्र प्रारंभ करनी होगी। इसके लिए आधार भूत संरचना बना कर सरकार को ऐक्टिवनेस बढ़ानी होगी। व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को स्वायता प्रदान करनी होगी। साथ ही अभाविप का यह मानना है कि छात्र संघ चुनाव लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है और छात्रों में नेतृत्व क्षमता के विकास का माध्यम भी है। विश्वविद्यालय प्रशासन की निगरानी के लिए छात्र संघ चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। अतः सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में छात्र संघ के चुनाव शीघ्र से शीघ्र संपन्न कराए जाने चाहिए। वर्तमान दशक में बिहार प्रदेश में एक और समस्या खड़ी है। बिहार में रोजगार के लिए पलायन बड़ी समस्या बन चुका है। इसको रोकने के लिए ठोस नीति बनाकर बिहार में ही रोजगार सृजन का प्रयास करना चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए यह महत्वपूर्ण पहल है।
प्रांत मंत्री सुमित कुमार उर्फ़ छोटू सिंह ने कहा की यह भीड़ नहीं यह युवा तरुणाई है। बदलते शैक्षणिक वातावरण के लिए आई है।बिहार के पलायन को रोकने के लिए आई है। बिहार में बेरोज़गारी एक बड़ी समस्या है. यहां बेरोज़गारी दर लगातार बढ़ रही है। और देश में सबसे ज़्यादा निर्भरता अनुपात है। बेरोज़गारी की समस्या को कम करने के लिए, सरकार और समाज को जागरूक होना चाहिए.सरकार को ऐसी शिक्षा नीति अपनानी चाहिए जिसमें स्वरोज़गार परक शिक्षा की गुंजाइश हो। खुला अधिवेशन में मंच पर उपस्थित वक्तायों ने अपना विचार को रखा। इस आयोजन में मुख्य रूप से उपस्थित राष्ट्रीय सह संघठन मंत्री बालकृष्ण, क्षेत्रीय संघठन मंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल, प्रान्त संघठन मंत्री रौशन सिंह, राज पाण्डेय, चन्दन तिवारी।

