नायब तहसीलदार रूबी की कार्यशैली व व्यबस्था ठीक नही मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)07 दिसम्बर।जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज निवाड़ा में उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एग्रीस्टैक (डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्टक्चर फॉर एग्रीकल्चर) के अंतर्गत किसानों की रजिस्ट्री तैयार करने के संबंध में लगाये गए कैम्प का निरीक्षण किया जिसमें कृषि विभाग, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद है
इस कैम्प का उद्देश्य किसानों की जमीनों को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर एकत्र करने का कार्य पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूरा करना है यह पहल किसानों को सरकारी योजनाओं और अनुदानों का लाभ सीधे और प्रभावी तरीके से प्रदान करने में मदद करेगी एग्री स्टेट के अंतर्गत किसानों की रजिस्ट्री होने के पश्चात ही किसानों को किसान सम्मन निधि की 19वीं किस्त का लाभ प्राप्त होगा इन कैंपों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में जिन किसानों की जमीन जगह-जगह स्थान पर है उन जमीनों को एक प्लेटफार्म पर लाकर रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से डिजिटल करण करना है। यह कैंप राजस्व विभाग कृषि विभाग पंचायत सहायक आदि के द्वारा ग्राम स्तर पर लगाए जा रहे हैं इन कैंप के माध्यम से भी किसान मौके पर पहुंचकर अपनी एग्री स्टेक के अंतर्गत फॉर्मर रजिस्ट्री कर सकते हैं या जन सुविधा केंद्र पर भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
जिलाधिकारी को आज निवाड़ा के निरीक्षण में कैंप स्थल पर सरकार की महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं का बैनर लगा ना मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त कि उन्होंने बागपत नायब तहसीलदार रूबी की कार्य शैली से गहरी नाराजगी व्यक्त की उनके द्वारा कैंप में होने पर कोई भी सुपरविजन नहीं किया जा रहा था जिलाधिकारी द्वारा पूछे गए प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाई कैंप में ना ही कोई व्यवस्था ना ही कोई संवेदनशीलता थी इस पर जिलाधिकारी ने उन्हें कारण बताओं नोटिस जारी किया। लेखपाल द्वारा कैंप में खतौनी ना मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और इस कार्य शैली में सुधार करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जो किसान एग्रीस्टैक के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री करने के लिए आ रहे हैं उसे व्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से किया जाए उसमें टोकन सिस्टम किया जाए 1 से 10 नंबर के लोग इतने समय तक रहे उसके बाद के लोग इतने समय तक रहे तो एक अच्छी व्यवस्था भी बनेगी और अनावश्यक किसानों का समय बर्बाद नहीं होगा। इसके लिए किसानों को खतौनी और आधार कार्ड लाना होगा जिससे उनका मिलान कर फार्मर रजिस्ट्री की जाती है।
जिलाधिकारी ने कहा समस्त कैंपों पर फार्मर रजिस्ट्री संबंधित बैनर अवश्य लगा होना चाहिए योजनाओं के बारे में स्टेप बाय स्टेप जानकारी हो संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार कैंप स्थलों पर अवश्य जाएं और अधिक से अधिक सुपरविजन करें यह सरकार के महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है जिसका किसान को रिकार्ड व्यवस्थित होगा और किसान को इसका लाभ भी प्राप्त होगा।
इस अवसर पर कृषि उपनिदेशक दुर्विजय ,जिला विकास अधिकारी अखिलेश कुमार ,जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव सहित आदि उपस्थित रहे।

