
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)05 दिसंबर।एपीडा भारत सरकार तथा कृषि विज्ञान केंद्र भोजपुर के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को एकदिवसीय कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए क्षमता संवर्धन कार्यक्रम पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र के हेड डॉक्टर पी के द्विवेदी ने बताया कि वर्तमान समय में एपीडा का कार्यालय वाराणसी में आ चुका है जिससे कि आपको काम करने में काफी सुविधा होगी। अपने उत्पाद का गुणवत्ता राष्ट्रीय स्तर पर बनाना होगा। उत्पाद में कोई भी समझौता नहीं हो सकता।उनके जो मानक हैं उसपर खरा उतरना होगा ।उनके मानकों का पालन करें तो निश्चित रूप से इस आधार पर आपके सभी उत्पाद निर्यात की श्रेणी में आ जाएंगे। और यहां के उत्पाद राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ख्याति प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए शशि भूषण कुमार शशि विषय वस्तु विशेषज्ञ ने बताया कि भोजपुर में फसलों में व्यापक विविधता है और उनकी निर्यात की प्रचुर संभावनाएं है। उसके बारे में सूचनाओं को संकलित करने की आवश्यकता है। पूर्व संयुक्त निदेशक कृषि एवं भोजपुर ऑर्गेनिकस के संस्थापक वेंकटेश नारायण सिंह ने बताया कि अपने जिले और राज्य की विशिष्ट पहचान बनाना आवश्यक है। बिहार राज्य विश्व का 80 प्रतिशत मखाना पैदा करता है परंतु मखाना का विपणन विभिन्न राज्य अपने नाम से कर रहे हैं।
एपीडा के सहायक प्रबंधक देवानंद त्रिपाठी ने जानकारी दी की वर्तमान समय में सात सौ उत्पाद निर्यात के लिए स्वीकृत है, जिसमें प्रसंस्कृत भी कई प्रकार के उत्पाद की आवश्यकता है।संस्थान का सहयोग सदैव सभी के साथ है।अकेले इसे करने में कई प्रकार की चुनौतियां है।अतः आवश्यकता है कि आप एफपीओ के माध्यम से इस कार्य को करें इसमें निश्चित रूप से आपको सफलता मिलेगी। इसमें अनाज की बात हो, फल की बात हो फूल की अथवा इनसे बने हुए अन्य उत्पाद हैं, सबमें निर्यात की संभावनाएं है।
