25 संवाद रथों के ज़रिए दरभंगा की महिलाओं तक पहुँच रही सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी।
RKTV NEWS/दरभंगा(बिहार)04 मई।बिहार सरकार द्वारा संचालित “महिला संवाद” में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावशाली और जनसरोकार से जुड़ी पहल के रूप में सामने आया है।
यह कार्यक्रम ग्रामीण स्तर की महिलाओं को उनके अधिकार, योजनाओं की जानकारी और सामाजिक सहभागिता के अवसर प्रदान कर रहा है। महिलाएँ अब खुलकर पंचायत और गांव स्तर की समस्याओं के साथ-साथ अपनी आकांक्षाओं को भी सामने रख रही हैं।
रविवार जैसे अवकाश के दिन भी कार्यक्रम के 17वें दिन जिले भर से हजारों महिलाओं और पुरुषों ने बड़ी सक्रियता और उत्साह के साथ सम्मिलित हुए।
महिला संवाद अब ग्रामीण जीवन में एक जनांदोलन का रूप ले चुकी है,जिसमें महिलाएं न केवल जागरूक हो रही हैं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर बोल भी रही है।
कार्यक्रम के अंतर्गत हर दिन पंचायत स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, जल-जमाव की समस्या, सामुदायिक भवन की जरूरत, वृद्धावस्था पेंशन में सुधार, सोलर लाइट की उपलब्धता, सिंचाई के संसाधन और लघु कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर महिलाएं अपने विचार साझा कर रही हैं।
महिलाएं इस मंच पर अपनी जीवन यात्रा, सफलता की कहानियाँ और अनुभव साझा कर रही हैं। इनमें से कई महिलाएं जीविका से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं और उन्होंने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर अपने परिवार की स्थिति को बेहतर किया है।
दरभंगा जिले के सभी 18 प्रखंडों में कुल 25 महिला संवाद रथ संचालित किए जा रहे हैं। ये रथ प्रत्येक पंचायत में पहुँचकर वीडियो फिल्मों, ऑडियो संदेश, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समूह वार्ताओं के माध्यम से महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, इन रथों के माध्यम से सरकारी योजनाओं पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है, जिससे महिला लाभार्थियों को योजनाओं की समझ सरल भाषा में मिल सके।
महिला संवाद के दौरान महिलाओं के बीच सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय दरभंगा के द्वारा प्रदत विभिन्न योजनाओं से संबंधित लीफलेट्स का वितरण भी किया जा रहा है। इन योजनाओं में महिला आरक्षण नीति, मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना, छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मुख्यमंत्री नारीशक्ति योजना, सतत जीविकोपार्जन योजना, जीविका योजना और बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना प्रमुख हैं। इन लीफलेट्स में योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभों की जानकारी सरल भाषा में दी गई है, जिससे महिलाएं स्वयं इन योजनाओं से जुड़ने के लिए आगे बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा महिलाओं के नाम भेजे गए संदेश पत्र को भी प्रत्येक पंचायत में पढ़कर सुनाया जा रहा है और महिलाओं को वितरित किया जा रहा है।
यह संदेश उन्हें प्रेरित करता है और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रति उनका विश्वास बढ़ता है। यह पहल सरकार और महिला नागरिकों के बीच पारदर्शिता और विश्वास की नई मिसाल स्थापित कर रही है।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता यह है कि यह महिलाओं को केवल जागरूक नहीं कर रहा है, बल्कि उन्हें सामाजिक विकास और निर्णय प्रक्रिया में एक सक्रिय भागीदार बना रहा है।
अब समस्याओं की पहचान के साथ-साथ समाधान सुझाने में भी सक्षम हो रही हैं। इस संवाद के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने सपनों को आकार दे रही हैं,बल्कि गांव के समग्र विकास में अपनी भूमिका को मजबूती से निभा रही हैं।
बिहार सरकार इस कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त सुझावों और महिलाओं की प्रतिक्रियाओं के आधार पर भविष्य की कार्ययोजनाओं को और अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
यह कार्यक्रम अब केवल सरकारी योजना नहीं रह गया है, बल्कि यह समाज के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ महिलाओं को नेतृत्व,आत्मनिर्भरता और निर्णय क्षमता की ओर ले जाने वाली एक परिवर्तनकारी यात्रा बन चुकी है।

