आरा सासंद सुदामा प्रसाद ने लोकसभा के शीतकालीन सत्र में बैंक विधेयक पर रखी अपनी बात।
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर) 04 दिसम्बर।सासंद सुदामा प्रसाद ने लोकसभा के शीतकालीन सत्र में बैंक विधेयक पर बोलते हुए कहा कि बैंक विधेयक में जनता की बात होना चाहिए था लेकिन इसमे उनके बारे में कोई बात नही है। जबकि यह बात आया है कि पिछले ग्यारह वर्षोँ में 10 लाख करोड़ बैंकों का कर्ज वसूला किया गया। लेकिन इसकी कोई चर्चा नही है कि कितने किसान , गरीबों का बैंक का कर्ज माफ किया गया?
जबकि कर्ज वसूला किया गया छोटे – मंझोले किसानों , दुकानदारों से और कर्ज माफ किया गया अडानी – अम्बानी और कॉरपोरेट घरानों का। उन्होंने कहा कि पूंजी का प्रवाह कॉरपोरेट घरानों के लिए हो रहा है। आम आदमी , गरीबों को लोन तक नही मिलता है। एक साधारण किसान एक छोटी रकम का लोन नही चुका पाता है तो उसे सरेआम कमर में रस्सा बांध कर घुमाया जाता है और उसे जेल भेज दिया जाता है।
इसलिए हमारी मांग है कि पूंजी का प्रवाह आम आदमी के तरफ करना चाहिए नही तो हम दुनिया के चौथी अर्थव्यवस्था कैसे बन सकते हैं?
उन्होंने कहा कि जिस देश मे अब तक कि सबसे ज्यादा बेरोजगारी हो, महंगाई हो, विकास दर तेजी से घट रहा हो, किसानों की खेती घाटे में हो तो हम कैसे दुनिया के विकसित अर्थव्यवस्था में शामिल हो सकते हैं?
उक्त जानकारी देते हुए सांसद के निजी सचिव चंदन कुमार ने बताया की आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने आज कॉरपोरेट लूट और मोदी सरकार की सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ संसद में दूसरे दिन के विरोध प्रदर्शन का भी नेतृत्व किया। जिसमें इंडिया गठबंधन के दलों ने मांग की है कि प्रधानमंत्री संसद में आएं और अडानी पर बहस करें। सीपीआई एमएल के सांसद किसानों के लिए एमएसपी बढ़ाने और देश में मुसलमानों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते घृणा अपराधों पर बहस की मांग की।

