
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)03 दिसंबर।मझौंवा स्थित “शांति-स्मृति” संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर चल रहे “योग-व्यायाम” प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। कार्यक्रम बतौर मुख्य अतिथि डॉ.जुगल किशोर, विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र एवं प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह के संयुक्त दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
इस मौके पर डॉ. जुगल किशोर ने कहा कि आज के दौर में योग बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सबके लिए आवश्यक है। योग के माध्यम से ही हम निरोग रह अपना,परिवार और देश सबका भला कर सकते हैं।अन्यथा बिमारी से पारिवारिक सामाजिक और आर्थिक क्षति के साथ साथ जाने का खतरा भी रहता है। यह उक्ति सही है करे योग रहे निरोग।
प्राचार्या डॉ.अर्चना सिंह ने कहा कि अब योग को विश्व ने स्वीकार कर स्वस्थ रहने का सबसे बड़ा साधन मान लिया है।प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश ही नहीं विदेशों में भी भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह प्राचीन विधा ऋषि महर्षि और हमारे संस्कृति के समृद्ध रहने की याद दिलाता है।संत महात्मा योग के बल पर ही सैकड़ो वर्ष तक जीवित रहते थे।
विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने बताया कि विद्यालय में रजत जयंती के अवसर पर चल रहे 45 दिवसीय विभिन्न विधाओं के प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत आज योग व्यायाम प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। इस दौरान योग-व्यायाम प्रशिक्षण में भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।उन्हें रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
विद्यालय के योग शिक्षक शशि भूषण सिंह ने प्रशिक्षण में चालन क्रिया के तहत कई आसान को करके दिखाया जिनके साथ सभी प्रशिक्षु विद्यार्थियों ने दिया।योग व्यायाम प्रशिक्षण के जूनियर वर्ग में देव दुबे ने प्रथम, वारिस सफी ने द्वितीय तथा ऋषभ सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं सीनियर वर्ग में प्रज्ञा पूनम ने प्रथम, प्रियांशु केसरी ने द्वितीय एवं कृष ने तृतीय स्थान हासिल किया।
मंच संचालन कला शिक्षक संजीव सिन्हा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिका एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
