
दैवीय ऊर्जाओं की प्राप्ति हेतु मनुष्य को करना होगा लोभ और तृष्णा का त्याग: आचार्य
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)17 नवंबर।धार्मिक स्थलों एवं गृह स्थानों में स्थापित पूजा स्थानों पर निरंतर दैवीय सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।
धार्मिक स्थलों में देवताओं की प्रतिमा का स्थापन हो या मनुष्य के गृहवास में पूजा हेतु स्थापित की गई देवी देवताओं की प्रतिमा या उनके चित्र सभी पर निरंतर पूजा अर्चना पश्चात एक सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होना निरंतर शुरू हो जाता है।जिसके फलस्वरूप इन स्थानों पर जाने मात्र से ही मनुष्य को दैवीय सकारात्मक ऊर्जा का लाभ मिल जाता है जो मानव के अंदर संचारित आंतरिक नकरात्मक ऊर्जा को भी सकारात्मक ऊर्जा में प्रवर्तित कर मस्तिष्क पटल के माध्यम से सभी ज्ञानेंद्रिया को संचालित करती है और मनुष्य को सत्कर्म हेतु प्रेरित करती है। उक्त बातों का संबोधन आचार्य संजीव दुबे ने शनिवार को कोईलवर में समाजसेवी प्रभाकर सिंह की भतीजी के जन्मदिवस पर आयोजित आशीर्वाद समारोह के दौरान कही।
उन्होंने समारोह में उपस्थित लोगों को आध्यात्म को पौराणिक कथाओं और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से परिभाषित करते हुए बताया की ईश्वर सभी को उनके सत्कर्मों के हिसाब से अपना आशीर्वाद रूपी वरदान देता है। जब हम उस ईश्वरीय वरदान का पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर सदुपयोग करते है तो पारिवार खुशहाल रहता है और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है लेकिन जब दुरुपयोग करते है तो परिवार में अशांति और सामाजिक स्तर पर प्रतिष्ठा धूमिल होती हैं। अर्थांत ब्रह्मांड में फैली देवीय सकारात्मक ऊर्जा का अपने भीतर अवशोषण करने हेतु हमें मोह,लोभ,लालच और तृष्णा का त्याग करना होगा तभी ये दैवीय ऊर्जाएं हमारी तरफ आकर्षित होंगी।
आचार्य ने अपने आध्यामिक संबोधनो के दौरान पौराणिक कथाओं अनुसार देव दीपावली पर भी प्रकाश डाला साथ ही गंगा जल के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व से सभी को अवगत कराया। उन्होंने कहा की गंगा का जल सबसे पवित्र होता है साथ ही नकरात्मक ऊर्जाओं को शोषित करने की भी शक्ति विद्यमान होती है।इसके घरों में नियत छिड़काव और स्नान से नकरात्मक ऊर्जाओं का क्षय होता है इसलिए हमें मास में कम से कम एक बार गंगा स्नान करने की आवश्यकता है। वहीं उन्होंने कहा की जो लोग नित्य गंगा स्नान करने में असमर्थ है वे कार्तिक मास की पूर्णिमा की देव दीपावली पर भी गंगा स्नान कर लेते है तो उसका संपूर्ण फल प्राप्त होता है।
आशीर्वाद समारोह में पहुंचे आचार्य संजीव दुबे ने अपने साथ आए जौनपुर जिले के बदलापुर स्तिथ श्री नरसिंह मठ के महंत स्वामी प्रेम नारायण जी महाराज, काशी विद्यापीठ से वैदिक कर्मकांड की दीक्षा ले रहे शिवकेश शास्त्री,अभिषेक तिवारी ,शुक्ल यदुवेद वेदपाठी हरी ओम पाठक के साथ सामूहिक रूप से वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर बच्ची को मंत्रो आशीर्वाद प्रदान किया।
आशीर्वाद समारोह में शामिल सूर्य कुमार सिंह,अभय कुमार,ओम प्रकाश मिश्र,दिव्य प्रकाश,सतीश कुमार गुप्ता,अजय शंकर तिवारी,नीरज सिंह,चंदन सिंह ,विक्की सिंह,दीपक कुमार,सोनू गुप्ता आदि प्रमुख लोग आचार्य संजीव दुबे द्वारा दिए गए आध्यात्मिक ज्ञान से फलीभूत हुए।
