
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर) 22 अक्टूबर। डा श्री कृष्ण सिंह स्मृति प्रदेश न्यास परिषद् भोजपुर ,आरा के तत्वावधान में बिहार प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अप्रतिम योद्धा, अनासक्त कर्म योगी, किसानों के हमदर्द, गरीबों के मसीहा, बिहार केशरी डा श्री कृष्ण सिंह की 137 वीं जयंती एस बी कालेज आरा के विवेकानंद सभागार में धूम धाम से मनाई गई।
मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए रांची विश्वविद्यालय, रांची के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो डा जंग बहादुर पाण्डेय ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार केशरी डा श्री कृष्ण सिंह आधुनिक बिहार के नव निर्माण के विश्वकर्मा थे ।केवल स्वप्न द्रष्टा ही नहीं, अपितु उसके कार्यपालक अभियंता भी थे।
बिहार केशरी डा श्री कृष्ण सिंह ऐसे मुख्यमंत्री थे जिनके पास विजन + एक्सन दोनों थे, इसीलिए वे बिहार के मुख्यमंत्रियों में श्रेष्ठ और जेष्ठ हैं।मुख्य अतिथि के रूप बिहार सरकार के पूर्व मंत्री डा अनिल कुमार ने कहा कि बिहार के नव निर्माण में श्री बाबू का अप्रतिम योगदान रहा है। बिहार में अनेक मुख्यमंत्री हुए और भविष्य में भी होंगे, लेकिन श्री बाबू निर्विकल्प थे, हैं और रहेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए जैन कालेज के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डा बलिराज ठाकुर ने कहा श्री बाबू कर्मठ, इमानदार और स्वतंत्रता संग्राम के अप्रतिम योद्धा थे।वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय भोजपुर आरा के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डा नंद जी दूबे ने कहा कि श्री बाबू पद और पैसा के लालची नहीं थे, राजनीति उनके लिए आय का स्त्रोत नहीं, अपितु राष्ट्र सेवा का माध्यम थी। उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में आदर्श प्रस्तुत किया। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय भोजपुर आरा के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डा रवीन्द्र नाथ राय ने कहा कि वे राष्ट्र पिता महात्मा गांधी से प्रेरित होकर चलती वकालत को लात मारी कर राजनीति में प्रवेश किया और तप त्याग और ईमानदारी से हर दिल अजीज हो गये जो जनता के दिलों में बसता है,वही जननायक होता है।आरा के सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं चिंतक डा जितेन्द्र कुमार ने कहा कि श्री बाबू मानवीय मूल्यों के प्रतिष्ठापक थे,उनका उद्देश्य राजनीति में नैतिक मूल्यों की प्रतिष्ठा थी।
डा विष्णु देव सिंह ने कहा कि श्री बाबू राजनीति में वंशवाद और परिवार वाद के खिलाफ थे। सुप्रसिद्ध साहित्य कार एवं समाज सेवी डा आनंद मोहन सिन्हा ने कहा कि अपने पूर्वजों का स्मरण हमारा पावन एवं पुनीत कर्तव्य है श्री बाबू हमारे लिए प्रेरणा स्त्रोत रहें हैं। संयोजक डा नथुनी पाण्डेय ने कहा कि श्री बाबू अप्रतिम वक्ता और अध्यव्यसायी थे। एस बी कालेज की प्राचार्या डा पूनम कुमारी ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि श्री बाबू की 137 वी जयंती हमारे कालेज के सभागार में आयोजित हुई।मैं चाहूंगी कि प्रत्येक वर्ष यह सौभाग्य हमें मिले। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए डा राम बहादुर शर्मा ने कहा कि श्री बाबू मानवता के पुजारी, राजनीति के संत और चलता फिरता पुस्तकालय थे।इस अवसर पर शिवदास सिंह, डा पंकज,रामेश्वर शर्मा, अंकित राय, शुभम् कुमार ,डा रेणु मिश्रा,डा किरण कुमारी आदि ने भी अपने उद्गार व्यक्त किये।भगिनी निवेदिता बालिका विद्यालय आरा की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।आगत अतिथियों का भव्य स्वागत डा संजय कुमार ने, मंगलाचरण डा जंग बहादुर पाण्डेय ने, संचालन डा दिवाकर पाण्डेय ने और धन्यवाद ज्ञापन डा मुक्तेश्वर उपाध्याय ने किया। राष्ट्र गान से समारोह की पूर्णाहुति हुई।
