
RKTV NEWS/पटना ( बिहार)07 अक्टूबर।बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) के सभा कक्ष में सोमवार को उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत की अध्यक्षता में एवं सदस्य पी. एन. राय, कौशल किशोर मिश्रा, नरेंद्र कुमार सिंह, और प्रकाश कुमार के मार्गदर्शन में दुर्गा पूजा, दशहरा, और छठ महापर्व 2024 के सुरक्षित आयोजन के लिए सभी जिलों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई।
बैठक में विभिन्न जिलों के जिला पदाधिकारी एवं अपर समाहर्ता ने सहभागिता की और अपने-अपने जिलों में आपदा पूर्व तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उपाध्यक्ष ने सभी जिलाधिकारियों और अपर समाहर्ताओं से दुर्गा पूजा, दशहरा, और छठ महापर्व 2024 के लिए पूर्व तैयारियों, प्राधिकरण द्वारा प्रशिक्षित सामुदायिक स्वयंसेवकों, सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम द्वारा प्रशिक्षित तैराकों के उपयोग तथा आपदा न्यूनीकरण योजनाओं पर चर्चा की।
जिला पदाधिकारियों द्वारा दुर्गा पूजा के दौरान संभावित घटनाओं और भीड़-भाड़ के बेहतर प्रबंधन के साथ शांति बैठकें, पंडालों को अग्नि आपदा से बचाने की तैयारियों, मेला परिसर में लूज बिजली के तारों के प्रबंधन, पूजा पंडालों में पेयजल व्यवस्था, लोगों के आने-जाने के बेहतर रास्तों का प्रबंध, रावण दहन के समय सावधानियाँ, अफवाहों के नियंत्रण और आपसी सद्भाव प्रबंधन के बारे में जानकारी साझा की गई। दीपावली के अवसर पर आग लगने जैसी समस्याओं के बेहतर प्रबंधन एवं छठ पूजा के दौरान डूबने की घटनाओं की रोकथाम के लिए योजनाओं का अवलोकन भी किया गया। लूज वायरिंग और बिजली से होने वाली आपदाओं की सुरक्षा के उपायों पर भी चर्चा हुई। छठ पूजा के दौरान तालाबों और नदियों में होने वाली घटनाओं की रोकथाम के लिए बैरिकेडिंग करने और लाल झंडे लगाकर जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
उपाध्यक्ष ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा प्रशिक्षित सामुदायिक स्वयंसेवक, सुरक्षित तैराक, और जीविका दीदियाँ ने बाढ़ के दौरान विभिन्न जिलों में सराहनीय योगदान दिया है। आवश्यकता है कि इन प्रशिक्षित मानव संसाधनों को बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए तैनात किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और अपर समाहर्ताओं से आगामी त्योहारों के दौरान प्राधिकरण द्वारा प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की मदद लेकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
इस अवसर पर प्राधिकरण के सदस्य पी. एन. राय ने वॉलंटियर्स की सुरक्षा और उनके काम करने के सुरक्षित तरीकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए सभी जिलाधिकारियों और अपर समाहर्ताओं से व्यावहारिक निर्णय लेने की अपील की।
