RK TV News
खबरें
Breaking News

पटना:राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत ONORC के तहत राज्य के अंदर तथा बाहर किसी भी जनवितरण प्रणाली से पात्र लाभुक खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं: लेसी सिंह

RKTV NEWS /पटना(बिहार )11 सितम्बर।आज 11 सितंबर को सूचना भवन के “संवाद” कक्ष में आयोजित खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के संवाददाता सम्मेलन के दौरान माननीय मंत्री, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग श्रीमती लेसी सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत आच्छादित पात्र लाभुक One Nation One Ration Card (ONORC) के तहत पोर्टेबिलिटी के माध्यम से राज्य के अंदर किसी भी जन वितरण प्रणाली दुकान से अथवा राज्य के बाहर किसी जन वितरण प्रणाली दुकान से अपनी अनुमान्यता के अनुसार सुविधानुसार एक बार में अथवा एक से अधिक बार में खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं। माह अगस्त, 2024 के वितरण चक्र में 89,39,832 राशन कार्डधारियों द्वारा पोर्टेबिलिटी के माध्यम से खाद्यान्न का लाभ प्राप्त किया गया है।
उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत खाद्य सुरक्षा की व्यवस्था के संदर्भ में किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में क्रमशः 85.12 प्रतिशत एवं 74.53 प्रतिशत जनसंख्या अर्थात कुल 8.71 करोड़ आबादी को आच्छादित करने का लक्ष्य के विरूद्ध वर्तमान में पूर्विकताप्राप्त गृहस्थी (PHH) एवं अन्त्योदय अन्न योजना से आच्छादित परिवारों (AAY) के कुल 8.35 करोड़ लाभुकों को 51185 जन वितरण प्रणाली दुकानों के माध्यम से प्रतिमाह निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। जन वितरण प्रणाली दुकानों के माध्यम से माह जुलाई, 2024 एवं माह अगस्त, 2024 में क्रमशः 4.12 लाख मे0टन एवं 4.05 लाख मे० टन खाद्यान्न वितरित किया गया है।
वर्तमान में प्रतिमाह अन्त्योदय अन्न योजना से आच्छादित परिवारों को 35 किलोग्राम खाद्यान्न (7 किलो गेहूँ एवं 28 किलो चावल) एवं पूर्विकताप्राप्त गृहस्थी के प्रत्येक लाभुक को 5 किलोग्राम खाद्यान्न (1 किलो गेहूँ एवं 4 किलो चावल) निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अन्तर्गत पहचान किए गए 1.97 करोड़ गृहस्थियों / परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराया गया है। उक्त राशन कार्ड में से 22.88 लाख राशन कार्ड अन्त्योदय अन्न योजना (AAY) श्रेणी के एवं 1.74 करोड़ राशन कार्ड पूर्विकताप्राप्त गृहस्थी (PHH) श्रेणी के हैं। साथ ही उक्त राशन कार्ड में 90 प्रतिशत राशन कार्डधारी परिवारों में परिवार के मुखिया के रूप में महिलाओं के नाम दर्ज है।कोरोना के शुरूआती दौर से लेकर अबतक लगभग 65.61 लाख नए राशन कार्ड निर्गत किए गए हैं एवं 16.37 लाख राशन कार्ड रद्द किए गए है।
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सचिव एन० सरवन कुमार ने बताया कि जन वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन कार्डधारियों के लिए देश भर में पोर्टबिलिटी लागू है सिवाय हिमाचल प्रदेश, पुडुचेरी और तमिलनाडु राज्यों के और उन राज्यों के लिए भी केंद्र सरकार के स्तर पर कार्रवाई अग्रेतर है। श्री कुमार ने जानकारी दी कि राज्य के सभी राशन कार्डधारी राज्य अन्तर्गत किसी भी जन वितरण प्रणाली दुकान पर संधारित ई-पॉस (e- PoS) यंत्र के माध्यम से निःशुल्क ई-के०वाई०सी० (e-KYC)- आधार सीडिंग करा सकते हैं। वर्तमान में 8.35 करोड़ राशन कार्ड लाभुकों में से 8.04 करोड़ (95 प्रतिशत) लाभूकों के आधार संख्या को सत्यापित किया गया है एवं कुल 5.10 करोड़ (61 प्रतिशत) लाभुकों का ई-के०वाई०सी० किया गया है एवं 3.24 करोड़ लाभुकों को ई-के०वाई०सी० किया जा रहा है। ई-के०वाई०सी० (e-KYC) से खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता आती है एवं गलत व्यक्ति खाद्यान्न के लाभ से वंचित होगा ।
आधार आधारित जन वितरण प्रणाली व्यवस्था लागू होने के फलस्वरूप कोई भी लाभुक किसी भी जन वितरण प्रणाली विक्रेता के पास मौजूद खाद्यान्न की मात्रा, उसके द्वारा खाद्यान्न वितरण की विवरणी की मात्रा आदि Real Time में देख सकते है।
साथ ही, राज्य के वैसे राशन कार्डधारी जो अपनी आजीविका/अन्य कारणों से राज्य से बाहर (इन तीन राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों यथा-हिमाचल प्रदेश, पुडुचेरी एवं तां 1/3 छोड़कर) कार्य/निवास कर रहें हैं, वे भी उक्त राज्य में ही अपने नजदीकी जन वितरण प्रणाली विक्रेता के पास जाकर अपना ई-के०वाई०सी० (e-KYC) आधार सीडिंग करा सकते हैं।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा-29 के अन्तर्गत राज्य में जन वितरण प्रणाली दुकानों के पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संचालन के अनुश्रवण हेतु पंचायत / वार्ड/प्रखंड/जिला एवं राज्य स्तर पर सतर्कता समिति गठित है। साथ ही, अनुमंडल स्तर पर अनुमंडल अनुश्रवण समिति गठित है।
ई-श्रम पोर्टल एवं अन्य राज्यों से प्राप्त प्रवासी मजदूरों के 83,04,908 आवेदनों को जाँचोपरान्त निष्पादित कर 5,29,688 नया राशन कार्ड मुहैया कराया गया है।

अधिप्राप्ति की व्यवस्था

विकेन्द्रीकृत अधिप्राप्ति व्यवस्थान्तर्गत धान/ गेहूँ अधिप्राप्ति के लिए नोडल विभाग खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग है तथा इसके संचालन के लिए बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम, पटना नोडल एजेंसी है।
विकेन्द्रीकृत अधिप्राप्ति व्यवस्थान्तर्गत पंजीकृत किसानों से निर्धारित मात्रा के अनुरूप धान अधिप्राप्ति कर तत्काल DBT के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था की गयी है तथा भुगतान के पश्चात् किसानों को उनके निबंधित मोबाईल सं० पर एस०एम०एस० के माध्यम से सूचित किये जाने की भी व्यवस्था है ।खरीफ विपणन मौसम 2023-24 में साधारण धान-2183 रूपये प्रति क्वीं० एवं धान ग्रेड A- 2203 रूपये प्रति क्वीं० न्यूनतम समर्थन मूल्य पर राज्य के रैयती तथा गैर रैयती किसानों से 45 लाख मे०टन लक्ष्य के विरूद्ध 30.80 लाख मे० टन धान की अधिप्राप्ति की गयी है।
रबी विपणन मौसम 2024-25 में अधिप्राप्ति अभिकरण सहकारिता विभाग के नियंत्रणाधीन पैक्स/व्यापार मंडल, भारतीय खाद्य निगम, एन०सी०सी०एफ० एवं नेफेड के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रूपये प्रति क्वीं० की दर से 9903.68 मे० टन गेहूँ की अधिप्राप्ति की गयी है।
खरीफ विपणन मौसम 2024-25 में भारत सरकार द्वारा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य साधारण धान-2300 रूपये प्रति क्वीं० एवं धान ग्रेड A- 2320 रूपये प्रति क्वीं० निर्धारित किया गया है।
खरीफ विपणन मौसम 2024-25 में राज्य के किसानों से धान अधिप्राप्ति माह नवम्बर, 2024 से प्रारंभ किये जाने हेतु आवश्यक तैयारी की जा रही है।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 (संशोधित, 2019) के तहत व्यवस्था :

भारत सरकार द्वारा अधिसूचित उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 (संशोधित 2019) के आलोक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग अन्तर्गत उपभोक्ता संरक्षण निदेशालय कार्यरत है।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम अन्तर्गत उपभोक्ताओं के अधिकारों के संरक्षण हेतु राज्य में राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बिहार, पटना एवं राज्य के सभी 38 जिलों में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग गठित एवं कार्यशील है।
राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पटना में 01 अध्यक्ष (जो माननीय उच्च न्यायालय, पटना के सेवानिवृत न्यायाधीश होते हैं) तथा 02 न्यायिक सदस्य एवं 02 गैर न्यायिक सदस्य होते हैं, वर्त्तमान में राज्य आयोग, पटना अपनी पूर्ण क्षमता के साथ कार्यरत है।
राज्य के प्रत्येक जिला में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग कार्यरत हैं। इसमें में 01 अध्यक्ष (जो सेवानिवृत जिला एवं सत्र न्यायाधीश होते हैं) तथा 02 सदस्य होते हैं। कुछ जिलों में रिक्त अध्यक्ष एवं सदस्यों के पद पर निकटवर्ती आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य को अतिरिक्त प्रभार देकर सभी जिला आयोग वर्त्तमान में क्रियाशील है। साथ ही रिक्त पदों पर
नियुक्ति हेतु कार्रवाई भी उपभोक्ता संरक्षण निदेशालय द्वारा की जा रही है। ➤ वर्ष, 1987 से मार्च, 2024 तक राज्य आयोग में 17,980 एवं सभी जिला आयोगों में 1,14,002 परिवाद पत्रों को निष्पादित करते हुए उपभोक्ताओं को लाभ पहुँचाया गया है।
इस अवसर पर विशेष सचिव, मो० नैयर इकबाल, अपर सचिव, उपेन्द्र कुमार, दोनों मुख्य महाप्रबंधक, रमन कुमार सिन्हा एवं मृत्युंजय कुमार सहित खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अन्यान्य पदाधिकारिगण भी उपस्थित थे।

Related posts

भोपाल:दुग्ध संकलन के साथ किसानों की आय बढ़ाने को हो रहे हैं समन्वित प्रयास : पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री

rktvnews

गया:केंद्रीय टीम ने जिला में स्वास्थ्य सेवाओं की ली जानकारी।

rktvnews

भोजपुर : राहुल तिवारी सहित चार ने किया नामांकन! नामांकन का खाता खुला।

rktvnews

छत्तीसगढ़ : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 28 स्कूलों में स्मार्ट क्लास-रूम का किया शुभारंभ।

rktvnews

राष्ट्रपति ने गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया।

rktvnews

दुमका:तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 का शुभारंभ, जागरूकता रथ रवाना।

rktvnews

Leave a Comment