RK TV News
खबरें
Breaking Newsकलाराष्ट्रीयसाहित्य

अध्याय शून्य : दिलीप शर्मा की कलाकृतियां -भुनेश्वर भास्कर ।

RKTV NEWS नयी दिल्ली/ (भुनेश्वर भास्कर)19 मार्च। मां का पल्लू पकड़े उनके साथ मंदिरों देवालयों में आने जाने के क्रम में कई तरह की मूर्तियों एवं उनकी बनावट, साज-सज्जा से प्रभावित होकर रचनाकार बनने की उत्सुकता लिए खूब दीवाल एवं ज़मीन पर चित्रण। बार-बार मिट्टी के लेंदों से किसी आकृति, आकार का निर्माण। मन को संतुष्टि नहीं होने के कारण बार-बार चित्र सृजन। एक समय अंतराल के बाद मन मस्तिष्क में बनते स्वरूपों को उभारने या प्रस्तुत करने के उद्देश्य से कला महाविद्यालय, दरभंगा से कला की विधिवत शिक्षा प्राप्त करने वाले दिलीप कुमार शर्मा का 20 मार्च 1977 को बिहार में मुजफ्फरपुर के तारसन गांव में जन्म ।
पौराणिक कथा-कहानियों पर गंभीर चिंतन मनन के बाद एक सत्य को ढूंढते हुए दिलीप शर्मा ने लंबी चित्र श्रृंखला बनायी है जिसमें कुछ मूर्तता है तो कुछ अर्धमूर्तता। आकार हमे शून्य की ओर ले जाएंगे तो रंग माहौल का निर्माण करेंगे। ये कलाकृतियां बहुत ही कलात्मक एवं कल्पनाशील हैं। इसके साथ ही काली, सरस्वती, दुर्गा आदि पर कई कलाकृतियों का सृजन। स्त्री विषय पर लंबी चित्र श्रृंखला। जिसमें पौराणिक कथाओं में वर्णित महिलाओं से शुरू होकर आधुनिक समय की स्त्री की रूप-रेखा एवं कथा-कहानी है।
श्राप : श्राप का मतलब – मुंह से निकले दो – चार शब्द … दो वाक्य … लेकिन उससे पड़ने वाले प्रभाव के कारण क्या से क्या हो जाता है । धार्मिक – पौराणिक कथाओं के साथ ही लोक कथा – कहानियों में भी श्राप से संबंधित तथ्य मिल जाएंगे । मानव – सृष्टि के साथ शुरू हुआ श्राप विभिन्न रूपों में आज भी विद्यमान है । इस संदर्भ में दिलीप शर्मा का कहना है कि श्राप और आशीर्वाद दोनों साथ-साथ होते हैं लेकिन काल या समय महत्वपूर्ण होता है …… वह तय करता श्राप या आशीर्वाद । काल बदलता रहता है .. । इस विषय पर काफी अध्ययन के पश्चात कई तथ्यों – संदर्भों पर कलात्मक तरीके से चित्रों कासृजन।
ऐसे विषयों पर निरंतर चित्र सृजन करने वाले दिलीप की इन कलाकृतियों की एकल, सामूहिक, अखिल भारतीय कला प्रदर्शनी के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में प्रदर्शन हो चुका है।
‘ स्प्रिचुअल्स जर्नी ‘ विषय पर विशेष शोध कार्य के लिए मानव संसाधन विकास विभाग, भारत सरकार द्वारा जूनियर फेलोशिप प्रदत्त। कई संस्थानों द्वारा सम्मान एवं पुरस्कार। इसके साथ ही दिलीप एक अच्छे आयोजक भी हैं । इन्होंने मुजफ्फरपुर , नई दिल्ली के साथ ही देश के विभिन्न शहरों में कई चित्र – प्रदर्शनियों का आयोजन किया है जिसकी काफी चर्चा हुई है ।
फिलहाल दिल्ली में रहकर चित्र सृजन के साथ-साथ ग्रेंस ऑफ कैनवस नई दिल्ली व विमला आर्ट फोरम, गुरुग्राम के अध्यक्ष एवं कला शिक्षक ।

Related posts

कृषि सूचना निगरानी और विश्लेषण के लिए पहला स्वचालित कृत्रिम बुद्धिमता-संचालित समाधान, कृषि 24/7

rktvnews

हनुमानगढ़:प्राधिकरण सचिव धनपत माली ने सखी सेंटर की जांची व्यवस्थाएं।

rktvnews

बिहार: पूर्वी चंपारण:दिव्यांगो को शत प्रतिशत यूडीआईडी कार्ड देने का लक्ष्य।

rktvnews

रायपुर : पहाड़ी कोरवा छतकुंवर अब बन गई शिक्षिका।

rktvnews

उपासक और उपास्य हनुमान्।

rktvnews

उत्तराखंड: राज्यपाल ने पत्नी संग महाशिवरात्रि पर की पूजा – अर्चना।

rktvnews

Leave a Comment