
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)17 अगस्त।15 अगस्त सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन, इसी 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ था। खुशियों से देश झूम उठा था क्योंकि पहले हम गुलाम थे।अब हम स्वतंत्र हो गये। लेकिन इस स्वतंत्रता के पीछे हमारे लाखों राष्ट्रभक्तों ने अपनी कुर्बानी दी है 1857 से बाबू कुंवर सिंह ने प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन का जय घोष किया था और लगभग 100 वर्षों बाद आजादी मिली। आज आनंद इंटरनेशनल स्कूल धमार के निदेशक मनोज कुमार ने झंडोत्तोलन के बाद अपने संबोधन में कहा।इस खुशी के मौके पर हम सभी शिक्षक छात्र-छात्राओं को बधाई और शुभकामना देते हैं। इससे आजादी को बचाकर रखना सभी युवाओं का प्रथम कर्तव्य होना चाहिए।
इससे खुशी के मौके पर प्राचार्य अरशद खुर्शीद रूबी साक्षी सुधा जयकुमार पूजा रुचि सपना आदि का महत्वपूर्ण योगदान है क्योंकि इन्हीं लोगों के प्रयास से विद्यालय सफलतापूर्वक चल रहा है और प्रगति के पथ पर अग्रसर है। गांव के कई प्रतिष्ठित लोग भी उपस्थित रहे जिनमें विवेकानंद सिंह का महत्वपूर्ण स्थान है।







