
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)13 अगस्त।बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत कार्यक्रम का संचालन देशभर में चलाया जा रहा है।इसी क्रम में सोमवार को बाल विवाह के विरुद्ध छात्र -छत्राओं को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन आरा प्रखण्ड के खजुरिया गाँव के हाई स्कूल में कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन व दिशा एक प्रयास के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानाध्यापक ,शिक्षक और छात्र – छात्राओं के बीच बाल विवाह के प्रति जागरूक किया गया।
संस्था के निदेशक सुनीता सिंह ने बताया की बाल विवाह हिंसा का एक उदहारण है। जिससे महिलाओ और लड़कियों को जीवन भर यौन, शारीरिक, मानसिक और मनोवैज्ञानिक रुप सेँ प्रताड़ित होना पड़ता है साथ ही ख़राब स्वस्थ्य और अवसाद बना रहता है |इन्होंने बताया की
१८ साल से कम उम्र की लड़की और २१ साल से कम उम्र के लड़के की शादी करना समाजिक बुराई के साथ-साथ क़ानूनी अपराध भी है |ऐसी शादियों के कारण शारीरिक,शैक्षिणक और आर्थिक विकास नहीं हो पाते हैं |ऐसी कुरूतियों को रोकना के लिए लोगों को जागरूक करना ही बढ़िया समाधान है। अगर इसके अधीन कोई भी अभिभावक अपनी लड़की की शादी १८ साल से कम उम्र और लड़के की शादी २१ साल से कम उम्र में शादी करवाते है तो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार उन्हें २ साल की कारावास की सजा या १ लाख का जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है।इन्होंने बताया की बाल विवाह करवाने वाले माता-पिता के साथ साथ विवाह में शामिल होने वाले काजी,पंडित जी,टेंट एवं बैंड वाले,हलवाई ,फोटोग्राफर, बाराती रिश्तेदार आदि सब अपराधी एवं सजा के पात्र बन सकते है।इस कार्यक्रम के दौरान दिशा एक प्रयास के सपोर्ट स्टाफ प्रवीण कुमार तिवारी और सी डब्लू मुन्ना कुमार साह प्रधानध्यापक,शिकक्षकगण और सभी छात्र-छात्राएं मौजूद थे|
