
लोकमंच कलेक्ट्रेट से सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का शुभारंभ

कलेक्ट्रेट परिसर में शहीदों के नाम किया पौधारोपण, अतिथियों ने शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि।

देश पर जान न्यौछावर करने वाले नौजवानों को स्मृति में शहीदों के परिवारों को किया गया सम्मानित।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)10 अगस्त।जिला प्रशासन द्वारा पूर्व संध्या कार्यक्रम आयोजित करने के उपरांत शुक्रवार को राष्ट्रवंदना चौक से काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव कार्यक्रम श्रृंखला की शुरुआत की गई जिसमें राज्यमंत्री केपी मलिक, विधायक डॉ अजय कुमार, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय सहित अन्य अतिथियों द्वारा शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई जिसके उपरांत सैकड़ों युवाओं की साइकिल रैली को राज्यमंत्री केपी मलिक द्वारा हरी झंडी दिखाई गई। युवाओं ने काकोरी ट्रेन एक्शन घटना के वीर क्रांतिकारियों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए बड़ी संख्या में शामिल होकर रैली को सफल बनाया। साइकिल रैली राष्ट्र वंदना चौक से शुरू होकर दिल्ली सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से होते हुए सिसाना गांव से गुजरी और कलेक्ट्रेट परिसर में समाप्त हुई। रैली के दौरान युवाओं ने देशभक्ति के नारे लगाए और रैली समाप्ति के उपरांत कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव के जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यमंत्री केपी मलिक एवं विशिष्ट अतिथि माननीय विधायक डॉ अजय कुमार ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थिति शहीद स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर श्रद्धासुमन अर्पित किए और शहीदों की स्मृति में पौधारोपण कर किया। इसके उपरांत लोकमंच कलेक्ट्रेट में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें जीजीआईसी बागपत, जीजीआईसी बावली, वेदांतिक इंटरनेशनल स्कूल अमीनगर सराय और सेंट एंजेल्स पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने काकोरी काण्ड से जुड़े क्रांतिकारियों की स्मृति में नुक्कड़ नाटक एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इस दौरान प्राथमिक विद्यालय निवाड़ा से शिक्षिका सीमा चौहान के नेतृत्व में छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
काकोरी ट्रेन एक्शन कार्यक्रम का मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा गया।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा काकोरी ट्रेन एक्शन संबंधी प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें काकोरी एक्शन का वास्तविक फोटो, काकोरी ट्रेन ऐसी से जुड़े तथ्यों एवं क्रांतिकारियों से जुड़ी जानकारी का अतिथियों एवं आगंतुकों ने अवलोकन किया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को प्रदर्शनी के माध्यम से काकोरी ट्रेन एक्शन के विषय में विस्तार से बताया और कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन के उपरांत क्रांतिकारियों ने बागपत, मेरठ, शामिल, सहारनपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में आश्रय लिया क्योंकि यहां के लोग क्रांतिकारियों को सहयोग करते थे। वहीं कार्यक्रम में शहीदों के परिजनों का शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया जिसमें लगभग 15 शहीदों के स्वजन शामिल हुए जिसमें सावित्री देवी पत्नी रघुवीर जीवन गुलियाना, रामबीरी पत्नी रामचंद्र, मलकपुर ,चंपा देवी पत्नी महावीर मलकपुर, वंश तोमर पौत्रजयपाल सिंह बबली, सुरेंद्र पाल पुत्र ईलम बावली ,जग्गो देवी पत्नी सुखबीर सिंह शाहपुर बडोली, विजेंद्र पुत्र चंद्रभान ढिकाना, केला देवी पत्नी रामलाल घिटोरा, जयवीर सिंह पुत्र भोले राम बली, विभोर पौत्रअर्जुन सिंह टटीरी ,राम पटोरी पत्नी राम सिंह टटीरी स्वतंत्रता सेनानी परिजनों को सम्मानित किया गया। राज्यमंत्री ने शहीदों के परिवारों को सम्मानित कर राष्ट्र के प्रति उनके त्याग को सर्वोच्च बताया।
राज्यमंत्री केपी मलिक ने कहा कि प्रदेश सरकार की पहल पर काकोरी काण्ड का नाम बदलकर इसको काकोरी ट्रेन एक्शन की पहचान दी गई है और जन जन को जागरूक करने के उद्देश्य से इसको शताब्दी महोत्सव के रूप में प्रदेशभर में मनाया जा रहा है जिसके क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा काकोरी स्पेशल ट्रेन भी शुरू की गई है को प्रत्येक जिले में जाकर काकोरी गाथा का प्रदर्शन करेगी माननीय राज्य मंत्री ने कहा कि शहीदों के नाम पौधारोपण अवश्य करें पौधे हमें जीवन देते हैं हवा देते हैं ऑक्सीजन देते हैं फल देते हैं इसलिए इस धरती मां को पौधों के आभूषण से अवश्य सजाए। विधायक डॉ अजय कुमार ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए संसाधन जुटाने के प्रयास में काकोरी ट्रेन एक्शन हुआ जिसमें युवा क्रांतिकारियों ने अद्भुत साहस दिखाते हुए देश की आजादी के लिए धन इकट्ठा किया। युवाओं को इससे प्रेरणा लेते हुए क्रांतिकारियों के स्वपन के देश को बनाने में सहभागी बनना चाहिए।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सांस्कृतिक समूहों को सम्मानित किया गया।
काकोरी ट्रेन एक्शन के बारे में:
काकोरी ट्रेन एक्शन, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और साहसिक घटना के रूप में दर्ज है। यह घटना 9 अगस्त 1925 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ के पास काकोरी नामक स्थान पर घटित हुई थी। इस क्रांतिकारी कार्रवाई का नेतृत्व हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) के सदस्यों ने किया, जिसमें प्रमुख रूप से राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, चंद्रशेखर आजाद, और कई अन्य देशभक्त शामिल थे। इन स्वतंत्रता सेनानियों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष के लिए धन जुटाने और अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से इस कार्रवाई को अंजाम दिया।घटना का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के खजाने को लूटना था, जो उस समय एक ट्रेन से ले जाया जा रहा था। ट्रेन के रुकते ही क्रांतिकारियों ने साहस और कुशलता से कार्य करते हुए सरकारी धन को अपने कब्जे में ले लिया। इस घटना ने ब्रिटिश सरकार को हिला कर रख दिया और पूरे देश में हलचल मचा दी। हालांकि, इस साहसिक कार्यवाही के बाद ब्रिटिश सरकार ने कड़े कदम उठाए और क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के परिणामस्वरूप, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, और ठाकुर रोशन सिंह को फांसी की सजा सुनाई गई। काकोरी ट्रेन एक्शन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐसा अध्याय है जिसने आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया और स्वतंत्रता की लड़ाई को और अधिक उग्र और संगठित रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह घटना हमें याद दिलाती है कि स्वतंत्रता की प्राप्ति के लिए कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी और इसके लिए कितनी बहादुरी और बलिदान की जरूरत थी।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व पंकज वर्मा ,अपर जिला अधिकारी न्यायिक सुभाष सिंह मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव, जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र सक्सेना एसडीएम बागपत अविनाश त्रिपाठी डिप्टी कलेक्टर मनीष यादव निकेत वर्मा जिला युवा अधिकारी अरुण तिवारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता चौधरी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
