
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)16 जुलाई।सोमवार को छात्र जदयू द्वारा वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय मे अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पांचवे दिन वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के “स्पेशल विजिलेंस इकाई ” के आरोपित परीक्षा नियंत्रक को पद मुक्त निलंबन करने सहित अन्य अनियमितता का स्पेशल विजिलेंस इकाई से जाँच पर करवाई और जाँच करवाने को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे आजाद सिंह और सदाशंकर राय का भाजपा नेता अमन ओझा और जदयू नेता मंटू उपाध्याय बक्सर से अनशन स्थल पर पहुच मामले को गंभीरता से लिया और इस पूरे प्रकरण मे कुलपति द्वारा परीक्षा नियंत्रक को संरक्षण देने का निंदा की।अनशन पर बैठे छात्र जदयू अध्यक्ष आजाद सिंह और सदा शंकर राय ने कहा कि अनशन परीक्षा नियंत्रक के हटने और विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 संशोधित धारा 69.04 का अनुपालन कर निलंबित करने,अन्य मुद्दो जैसे सरकार द्वारा संविदा पर नौकरी मे रोक के वाबजूद महंथ महादेवनंद महिला कॉलेज आरा मे संविदा पर नौकरी और नौकरी मे रहते हुए पढ़ाई कैसे? का स्पेशल विजिलेंस इकाई से जाँच, MBA मे धांधली से क्लर्क को लेक्चरर बनाने का जाँच, गेस्ट फैकल्टी मे नियुक्ति का जाँच,छात्र संघ चुनाव की तिथि घोषित करने,छात्र-छात्राओं के कैन्टीन, पठन पाठन सुचारू रूप से चालू करवाने व अन्य मुद्दो पर स्पेशल विजिलेंस इकाई से जाँच करवाने को लेकर महामहिम राजेन्द्र विश्वनाथ जी बिहार, और माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार, सहित स्पेशल विजिलेंस इकाई को पत्र लिखते हुए कुलपति के मिलीभगत का भी जाँच की मांग की।
जदयू नेता महाधिवक्ता श्री राजकुमार पटेल ने अनशन स्थल पर आंदोलनकारीयो का समर्थन मे कहा कि विश्वविद्यालय मे अनशन कर रहे छात्र नेता से कुलपति का न मिलना कुलपति द्वारा भ्रस्टाचार मे संलिप्त परीक्षा नियंत्रक का संरक्षण बता, अनशनकारी साथियों के प्रति समर्थन मे कहा कि अयोग्य लोग जब पद पर बैठेंगे भ्रस्टाचार का आकंठ बढ़ता है जो विश्वविद्यालय प्रशासन साबित कर रहा है।अति पिछड़ा प्रकोष्ठ अध्यक्ष भोजपुर माया शंकर चंद्रवंशी ने धरना प्रदर्शन,अनशन को लोकतंत्र का हिस्सा बता कहा कि अगर कुलपति की मंशा साफ होता तो कारवाई हो गया होता।परीक्षा नियंत्रक के गिरोह मे बड़े बड़े लोग के होने का संभावना प्रकट किया है।अनशन पर आए पूर्व जिला अध्यक्ष जदयू विश्वनाथ प्रताप सिंह ने कहा कि परीक्षा नियंत्रक को निलंबित न करना विश्वविद्यालय प्रशासन के दाल मे काला नही, पूरा दाल को ही काला करार दिया उन्होंने कुलपति के योग्यता पर सवाल ? उत्पन्न किया है।
भाजपा नेता हिमांशु मिश्रा ने विश्वविद्यालय प्रशासन के कार्यशैली को हिटलर के कार्यशैली से तुलना की।
अजित मेहता, जिलाध्यक्ष किसान प्रकोष्ठ, भोजपुर ने कुलपति के कार्यशैली का निंदा की।
वही डीहरी से पहुचे छात्र जदयू सचिव शशांक दूबे ने विश्वविद्यालय प्रशासन के कार्यशैली का निंदा करते हुए कहा कुलपति महोदय को संज्ञान न लेना यह साबित कर रहा की विश्वविद्यालय मे धांधली और अनियमितता आगे भी बड़े पैमाने पर होने वाला है। तरुण जी, वेद प्रकाश शर्मा, नारायण दत्त पाठक, जय कुमार, ने अनशन का समर्थन किया। वही छात्र एनएस यू आई के पूर्व विश्वविद्यालय अध्यक्ष अमित द्विवेदी ने अनशन का समर्थन कर कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर कारवाई करनी चाहिए।छात्र जदयू विश्वविद्यालय कमिटी सहित अन्य छात्र छात्रा उपस्थित रहे सोनी सिंह,सपना यादव , मदन सेठ, मोनी गुप्ता मोनू कुशवाहा, पंकज गुप्ता,भोला सिंह,गुड्डू यादव, अंजलि,प्रदीप कुमार, रूपेश सिंह, लीला सोनी, प्रदीप कुमार, विकास सिंह, सुमित सिंह, मोनू यादव, दीपक यादव, अमित कुमार, गुदु मनीष पासवान गुदु राम परदीप पटेल हरिओम तेली पवन खेड़ा मोहम्मद, शाहिद, मुन्ना पाठक , दीपक यादव, नवीन पाठक सहित दर्जनों छात्र- छात्राएँ उपस्थित रहे। राष्ट्रीय स्वर्ण क्रांति सेना अध्यक्ष पूनम देवी ने भी अनशन स्थल पर पहुच समर्थन दिया और कहा कि अपराध और अपराधी का संरक्षण देने वाले भी अपराधी ही होते है।अनशनकारी के स्वास्थ्य देखभाल के लिए सिविल सर्जन भोजपुर द्वारा गठित डॉक्टर की टीम ने डॉक्टर सहित अन्य कर्मी अनशनकारी छात्र नेता का स्वास्थ्य अध्ययन कर हालत को देखते हुए पानी चढ़ाने का सुझाव अनशन पर बैठे छात्र नेता को दी। पांचवे दिन अनशन जारी है। आजाद सिंह और सदा शंकर का स्वास्थ्य मे गिरावट आया है। इस पूरे प्रकरण मे लगातार महामहिम जी, स्पेशल विजिलेंस इकाई, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सदर अनुमंडलाधिकारी को पत्राचार के माध्यम से भी अवगत कराया जा रहा है। अनशन पांचवे दिन जारी है।

