
RKTVNEWS/नारनौल(हरियाणा )14 जुलाई। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान नसीबपुर में चल रहे जनरल ईडीपी के तहत सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चंडीगढ़ से उप महा प्रबंधक अरविन्द यादव ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत कर 32 महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक बैकिंग कार्य के अलावा अपने सामाजिक दायित्व का भी बखूबी निर्वहन करता है। देश के आर्थिक विकास में स्वरोजगार अहम भागीदारी निभाता है। इसी परिप्रेक्ष्य में समाज के गरीब तबके के बेरोजगारों, महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वावलंबी बनाकर मुख्यधारा में जोड़ने के लिए सतत प्रयासरत रहता है। यही नहीं प्रशिक्षण के बाद उनको विभिन्न बैंकों के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने के लिए एक सेतु का काम करता है। इसके अलावा प्रशिक्षण के बाद भी लगातार दो वर्षो तक उनकी समीक्षा भी करता है।
इस मौके पर संस्थान निदेशक एचआर सभरवाल ने बताया कि सीखना जीवन की एक सतत प्रकिया है और सीखना हमेशा जारी रखना चाहिए। यहां से प्रशिक्षण के पश्चात् एक छोटी इकाई से अपने उद्योग की शुरूआत करके आप सफल उद्यमी बन सकते हो। स्वरोजगार के बिना किसी भी देश अथवा राष्ट्र की समग्र विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
मुख्य अग्रणी जिला प्रबन्धक विजय सिंह ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही सभी महिलाओं से आह्वान किया कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपने कौशल से जल से लेकर थल तक आसमान से लेकर जमीन तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसलिए खासकर महिलाओं को स्वरोजगार के क्षेत्र में बढ-चढ़ कर अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
इस मौके पर सभी 32 महिलाओं को प्रशिक्षण के पश्चात प्रमाण पत्र वितरित किए।
समापन के दौरान मुख्य प्रबंधक शाखा कोर्ट रोड़ नारनौल जितेन्द्र यादव, मुख्य प्रबंधक मंडल कार्यालय रेवाडी राकेश कुमार यादव, मुख्य प्रबंधक पीएलपी रेवाडी अनिल दहिया ने अपने व्यक्तव्य में स्वरोजगार अपनाने पर बल दिया और वर्तमान बैंकिंग के साथ-साथ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना एवं सुकन्या समृद्धि योजना तथा विभिन्न बैंकिंग योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान अतिथि संकाय किरोस्ता, संकाय कुलदीप सिंह, कृष्ण कुमार, हरीश चन्द्र, सुभाष चन्द्र बेसरवाडिया और करतार सिंह मौजूद रहे।
