
उपायुक्त के निर्देश पर एसडीओ एवं सदर उपाधीक्षक ने विभिन्न अस्पतालों पर की छापेमारी।
पीसी एण्ड पीएनडीटी की अवहेलना करने वाले अल्ट्रासाउण्ड संचालक पर होगी कार्रवाई।
किसी भी सुरत में क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं, होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई -डीसी
RKTV NEWS/चतरा (झारखण्ड) 06 जुलाई।ज़िले में क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट की अवहेलना कर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा है। साथ ही बिना डिग्री के चिकित्सक प्रसव जैसे कार्य को अंजाम दे रहे है। इसकी जानकारी मिलने के पश्चात उपायुक्त चतरा रमेश घोलप द्वारा अनुमण्डल पदाधिकारी चतरा के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सदर अनुमण्डल पदाधिकारी सुरेन्द्र उरांव के नेतृत्व में शुक्रवार को जिले के अवैध नर्सिंग होम संचालको के खिलाफ एवं गैर डिग्री धारक चिकित्सकों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया गया। जांच के क्रम में बाईपास रोड से राज नर्सिंग होम के संचालक रंजीत कुमार और गैर डिग्री धारक चिकित्सक कुमार चंदन को हिरासत में लिया गया। छापेमारी दल ने दोनो को शहर के बाईपास इलाके से गिरफ्तार किया।
क्या कहते है उपायुक्त
उपायुक्त ने कहा लगातार जिले में अवैध रूप से नर्सिंग होम संचालन से संबंधित शिकायत प्राप्त हो रही थी इसे संज्ञान में लेते हुए त्वरित कार्रवाई हेतु एक टीम का गठन किया गया और छापेमारी की कार्रवाई की गई। जिसमें एक बिना डिग्री घारक चिकित्सक एवं एक नर्सिंग होम संचालक की गिरफ्तारी की गई है संबंधित के उपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिले के आमजनों और गर्भवती माताओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों को किसी भी सुरत में बख्शा नहीं जाएगा। जिले में लगतार छापेमारी अभियान जारी रहेगी। क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट का अवहेलना करने वाले नर्सिंग होम संचालक व पीसी एण्ड पीएनडीटी का अवहेलना करने वाले अल्ट्रासाउण्ड संचालक के उपर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अनुमण्डल पदाधिकारी चतरा ने बताया कि अधिकांश शिकायत प्राप्त हो रही थी कि जिले में दर्जनों की संख्या में अवैध नर्सिंग होम संचालित हो रहे है। साथ ही बिना डिग्रीधारी झोलाछाप सिजेरियन समेत अन्य ऑपरेशन यूट्यूब के माध्यम से कर रहे है। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त रमेश घोलप के निर्देश पर अनुमण्डल पदाधिकारी चतरा के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया।
बताते चले कि गिरोह बनाकर अवैध तरीके से अस्पताल का संचालन करना, बिना डिग्री के ऑपरेशन कर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, भारत सरकार / राज्य सरकार द्वारा नर्सिंग होम / अस्पताल संचालन संबंधी निर्धारित मानकों का अनुपालन नहीं करने एवं सरकारी जांच में सहयोग न कर बाधा डालने जैसे गंभीर आरोपों के आलोक में उपरोक्त संबंधित नर्सिंग होम / अस्पताल के संचालकों के विरूद्ध विधि सम्मत बिहिन्न धाराओं के साथ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
