
RKTV NEWS/उज्जैन(मध्यप्रदेश)03 जुलाई।उज्जैन में औद्योगिक विकास एवं प्रोत्साहन की गतिविधियां सतत जारी है। उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बुधवार सुबह विक्रम उद्योगपुरी पहुंचकर यहां संचालित औद्योगिक गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने उद्योगों के लिए ईको सिस्टम निर्माण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया,जिसके अंतर्गत ज़िले में उद्यमशीलता को बढ़ावा देना, स्थापित इकाइयों के लिए सहयोगी वातावरण का निर्माण करने ,उद्योगों की माँग अनुसार कार्यशील मानव संसाधन को तैयार करने , महिला कर्मचारियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने और औद्योगिक क्षेत्रों तक सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये ।
कलेक्टर श्री सिंह ने मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार उज्जैन को प्रदेश और देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में खड़ा करने के लिए हर संभव प्रयास करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कलेक्टर ने विक्रम उद्योगपुरी के इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी की सराहना की तथा यह पर उद्योगों को प्रदान की जा रही सब्सिडी और सपोर्ट की भी सराहना की । इस दौरान उन्होंने औद्योगिक इकाई फार्मोकेम लिमिटेड, पंचामृत मिल्क प्रोडक्ट इकाई का भ्रमण कर अवलोकन किया। साथ ही निर्माणाधीन पेप्सीको प्लांट के निर्माण कार्य को भी देखा।
कलेक्टर श्री सिंह ने औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा कर उनसे प्रशासन स्तर पर आवश्यक सहयोग और उनके मुद्दों के संबंध में जानकारी ली। जिस पर प्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि स्थानीय प्रशासन और औद्योगिक विकास निगम का उन्हें पूरा सहयोग मिला रहा हैं। समस्या उत्पन्न होने पर भी उनका त्वरित निराकरण हो जाता है। कलेक्टर श्री सिंह पंचामृत मिल्क प्रोडक्ट लिमिटेड इकाई का भ्रमण कर मिल्क प्रोसेसिंग और दुग्ध उत्पाद निर्माण प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने रॉ मैटेरियल के आयात और उत्पादों के निर्यात के संबंध में भी जानकारी ली।
सबसे पहले कलेक्टर श्री सिंह द्वारा औद्योगिक विक्रम उद्योगपुरी स्थित औद्योगिक विकास निगम कार्यालय में प्रगतिरत और प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। उन्होंने औद्योगिक विकास के लिए भूमि आवंटन, विद्युत, वॉटर परमिशन सहित अन्य आवश्यक अनुमतियों का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विक्रम उद्योगपुरी में स्थापित होने जा रहे औद्योगिक इकाइयों को स्किल्ड मैनपॉवर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न संस्थाओं से समन्वय कर डेडीकेटेड प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाएं जाएं।
कार्यकारी निदेशक एमपीआईडीसी राजेश राठौड़ ने कलेक्टर को बताया कि विक्रम उद्योगपुरी में निवेश के लिए 20 से अधिक उद्योगों ने रुचि दिखाइ हैं, जिसमे लगभग 5000 करोड़ से अधिक का निवेश और 8000 हजार से अधिक का रोजगार सृजन हो सकेगा। उन्होंने बताया विक्रम उद्योगपुरी का कुल क्षेत्र 1133 एकड़ हैं जिसमें 773.21 एकड़ मल्टी प्रोडक्ट और 360 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया जा रहा हैं। एकीकृत इंडस्ट्रियल टाउनशिप प्लान अंतर्गत विक्रम उद्योगपुरी आवश्यक सुविधाओं से लैस होगा, यहां रोड कनेक्टिविटी , 10 एमएलडी क्षमता का वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, सुचारू विद्युत आपूर्ति के लिए 132 केवी सबस्टेशन, 2.1 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 3 एमएलडी क्षमता का ईटीपी प्लांट जिसे बढ़ाकर 5 एमएलडी तक किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त यहां फायर स्टेशन , सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्ट्रॉम वॉटर नेटवर्किंग, डोमेस्टिक गैस ट्रेंच, सीवरेज एवं रीसाइकलिंग सिस्टम इनफॉरमेशन एंड टेक्नोलॉजी सिस्टम आदि सुविधाएं उपलब्ध होगी।
कार्यकारी निदेशक एमपीआईडीसी श्री राठौर ने विक्रम उद्योगपुरी फेस 2 के लिए आवश्यक 470.708 हेक्टेयर लैंड के संबंध में जानकारी दी। साथ ही औद्योगिक विकास निगम द्वारा उज्जैन में प्रस्तावित आईटी पार्क और प्लग एंड प्ले पार्क के संबध में विस्तार से बताया गया। कलेक्टर श्री सिंह ने एमपीआईडीसी उज्जैन के कार्यों की सराहना भी की और उज्जैन में औद्योगिक विकास के लिए सतत प्रयत्नशील रहने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर श्री सिंह एमपीआईडीसी कार्यालय के परिसर में पौधरोपण भी किया। इस दौरान एसडीएम अर्थ जैन सहित एमपीआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।
