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उज्जैन:प्रमुख सचिव राजस्व की अध्यक्षता में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित।

RKTVNEWS/उज्जैन(मध्यप्रदेश)29 जून।शनिवार को मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव निकुंज श्रीवास्तव की अध्यक्षता में उज्जैन संभाग के अंतर्गत राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व वसूली की प्रगति, आरसीएमस पोर्टल में नामांतरण, बंटवारा तथा सीमांकन के प्रकरणों की समीक्षा, सायबर तहसील पोर्टल पर लंबित प्रकरण, स्वामित्व योजना, पीएम किसान, मजरा-टोला, समग्र का आधार से ई-केवायसी, सीएम हेल्पलाइन, न्यायालयीन प्रकरण, अवमानना, लंबित अपील, समय से जवाब प्रस्तुत करने संबंधित मामले, रिक्त पदों की पूर्ति, साप्ताहिक सीमांकन अभियान और अन्य विषयों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। बैठक में अपर सचिव राजस्व अनुभा श्रीवास्तव, संभागायुक्त संजय गुप्ता, उपायुक्त रंजीत कुमार, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, एडीएम अनुकूल जैन, अपर कलेक्टर एमएस कवचे, समस्त एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार मौजूद थे।
बैठक में राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा की गई। इसमें जानकारी दी गई कि उज्जैन जिले को सालाना 21 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरूद्ध विगत एक अप्रैल से 28 जून तक 6.07 करोड़ रुपये की वसूली की गई है।
आरसीएमएस पोर्टल पर नामांतरण, बंटवारा तथा सीमांकन के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने निर्देश दिये कि नामांतरण के संबंध में आमजन को किसी भी प्रकार की समस्या न आये। खेत में जाने के रास्ते वाले प्रकरणों का अतिशीघ्र निराकरण कर सभी किसानों को राइट टू एक्सेस दिया जाये। नामांतरण के प्रकरणों में उज्जैन ग्रामीण और माकड़ोन में अच्छा कार्य किया गया है। खाचरौद और तराना में राजस्व प्रकरणों का शीघ्रातिशीघ्र निराकरण किया जाये। अविवादित नामांतरण के प्रकरणों का 30 दिनों में निराकरण अनिवार्य रूप से करें। उल्लेखनीय है कि जिले में अभी तक 6078 सीमांकन प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। जानकारी दी गई कि राजस्व महाअभियान जुलाई के प्रथम पखवाड़े से प्रारंभ होगा।
प्रमुख सचिव ने निर्देश दिये कि आगामी 15 अगस्त तक उज्जैन में जो भी अविवादित प्रकरण है, उनका शत-प्रतिशत निराकरण किया जाये। अधिकारीगण उनके अधिकार क्षेत्र के तहत भ्रमण करें तथा नामांतरण, बंटवारे और सीमांकन प्रकरणों का निरीक्षण करें। जिन प्रकरणों मे आदेश हो गया है, उनकी तामीली शीघ्रातिशीघ्र की जाये। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा से अधिक समय तक प्रकरण लंबित न रहे, जो राजस्व अधिकारी ढंग से काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें हटाया जाये।
सायबर तहसील पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने निर्देश दिये कि पटवारी द्वारा 10 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाये। सभी प्रकरणों की रिपोर्ट ऑनलाईन अपलोड की जाये। नोटिस की तामीली न्यायालय के बोर्ड पर चस्पा की जाये। स्वामित्व योजना की समीक्षा के दौरान उज्जैन संभाग व जिले में हुई प्रगति की प्रमुख सचिव द्वारा प्रशंसा की गई। संभागायुक्त श्री गुप्ता ने जानकारी दी कि उज्जैन संभाग का स्वामित्व योजना के अन्तर्गत प्रकरणों की प्रगति औसत 70 प्रतिशत है। इसी के साथ जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जिले में 1091 ड्रोन फ्लाई ग्रामों में से 1060 ग्रामों का ग्राउण्ड टूथिंग कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष ग्रामों का भी अतिशीघ्र किया जायेगा। आरओआर इंट्री में जो गांव बचे हैं उन्हें शामिल किया जाये। स्वामित्व के अधिकार-पत्र निर्धारित समयावधि में वितरित किये जायें।
प्रमुख सचिव ने कहा कि स्वामित्व योजना के अन्तर्गत आने वाले दिनों में प्रकरणों के निराकरण किये जाने के पश्चात अधिकार-पत्र के वितरण हेतु कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इसमें प्रदेश के सभी संभागों में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिये।

शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये बैंक खातों से आधार लिंकिंग शीघ्र पूर्ण करें

प्रधानमंत्री किसान एनपीसीआई प्रगति की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने कहा कि इसके लम्बित प्रकरणों के निराकरण हेतु एक सर्कुलर जारी किया जाये। उल्लेखनीय है कि जिले में अभी तक पीएम किसान योजना अन्तर्गत 206662 हितग्राहियों का आधार लिंकिंग कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रमुख सचिव राजस्व श्री श्रीवास्तव ने निर्देश दिये कि बैंक में आधार सीडिंग का कार्य तेज गति से किया जाये। समग्र आधार का आईना है। बैंक खातों में आधार सीडिंग शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसके महत्व को अधिकारीगण समझें। यदि हितग्राही का बैंक खाते में आधार सीडिंग व ई-केवायसी पूर्ण है तो योजनाओं के क्रियान्वयन में काफी सुविधा होती है।
बैठक में मजरे-टोले के बारे में जानकारी दी गई कि उज्जैन जिले में तीन मजरे-टोलों को राजस्व ग्राम बनाने हेतु प्रस्ताव पृथक-पृथक अधिकार अभिलेख तैयार कराये जाने हेतु प्राधिकृत अधिकारियों की अधिसूचना बाबत निर्धारित प्रारूप में प्रेषित किये गये हैं।
समग्र के आधार से ई-केवायसी की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने कहा कि सभी हितग्राहियों का एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से समग्र से आधार का ई-केवायसी अनिवार्यत: कराया जाये। सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने कहा कि इसमें ग्रेडिंग का विशेष ध्यान रखा जाये। संतुष्टि के साथ शिकायतकर्ता का प्रकरण बन्द करवायें। सीएम हेल्पलाइन में कोई भी शिकायत 50 दिन से अधिक समय तक लम्बित न रहे।
निजी भूमि के अतिक्रमण वाले प्रकरणों को फोर्स क्लोज कराया जाये। कोर्ट के समक्ष अवमानना के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने निर्देश दिये कि ऐसे प्रकरणों में अपील समय से फाईल करवाई जाये। प्रकरणों का उत्तर बिन्दुवार बनाया जाये। राजस्व विभाग का पक्ष प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाये।
बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि स्थानीय युवा द्वारा इसका सर्वे 45 दिन में किया जायेगा। सर्वे हेतु मोबाइल एप डाउनलोड किया जायेगा। पार्सल जियो फेंस से खेत में उपस्थिति अनिवार्य होगी। प्रत्येक फसल के फोटो अनिवार्य होंगे। आधुनिक तकनीक से फोटो की तुलना की जायेगी। इसके लिये निकटतम ग्राम पंचायत में स्थानीय युवा पात्र होंगे, जो सर्वे का काम करेंगे। इसके लिये उन्हें एंड्राइड वर्जन 6+ वाला स्मार्ट फोन लेना होगा, जिसमें इंटरनेट की सुविधा हो। सर्वेयर की आयु सीमा 18 से 40 वर्ष के मध्य होगी। उन्हें 8वी कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। डिजिटल क्रॉप सर्वे से किसानों को कम समय में केसीसी जारी हो सकेगा।
साप्ताहिक सीमांकन अभियान की समीक्षा की गई। उल्लेखनीय है कि उज्जैन में यह अभियान विगत 21 से 28 जून तक चलाया गया, जिसमें कुल 2626 राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया।

खनिजों के अवैध उत्खनन व परिवहन पर ड्रोन, सेटेलाइट इमेजेस का उपयोग कर प्रभावी कार्यवाही की जाये

राजस्व विभाग की समीक्षा के पश्चात प्रमुख सचिव द्वारा माइनिंग के तहत नवीन रेत खदानों को घोषित करने, खदानों की जियो रेफरेंसिंग करके अपलोड करने, अवैध उत्खनन और परिवहन पर की गई कार्यवाही, उत्खनन पट्टे के आवेदनों के समय से निराकरण और बन्द खदानों के व्यपगत किये जाने की समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने कहा कि एम सेंड का अधिक से अधिक प्रमोशन किया जाये। इसके बारे में प्रशिक्षण आयोजित किये जायें। रेत की गुणवत्ता का परीक्षण प्रयोगशाला में करवाया जाये। खदानों की सेटेलाइट इमेजेस ली जाये। जब भी किसी को पट्टा प्रदान किया जाये, तो उस क्षेत्र के आसपास के क्षेत्र के ड्रोन फोटो लिये जायें तथा जियो रेफरेंसिंग की जाये। यदि मौके से जप्ती की कार्यवाही हो तो उसमें भी जियो रेफरेंसिंग का प्रयोग किया जाये। अवैध उत्खनन की शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण करें। यह छह महीने से अधिक लम्बित नहीं होना चाहिये। पट्टे के लिये जो भी आवेदन प्राप्त होते हैं, उनका समय से निराकरण किया जाये।

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